राजनीति

नतीजे पर लगीं हैं सूबे के बेरोजगार युवाओं की निगाहें

धामी की धाकड़ बैटिंग, ऋतु की पारी का इंतजार

सीबीआई जांच का विनिंग शॉट मार सकते हैं पुष्कर

देहरादून। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और विस में नौकरियों की कथित धांधली के नतीजे पर सूबे के बेरोगार युवाओं की निगाहें हैं। चयन आयोग मामले में फिलवक्त सीएम पुष्कर धामी का धाकड़ बल्लेबाजी जारी है। माना जा रहा है कि वे किसी भी वक्त विनिंग शॉट के रूप में जांच सीबीआई को सौंप सकते हैं। अलबत्ता विधानसभा के मामले में स्पीकर ऋतु भूषण खंडूड़ी का पारी की शुरुआत का इंतजार है।

अधीनस्थ सेवा चयन में बेरोजगारों का हक कैसे छीना गया, यह एसटीएफ की जांच में सामने आ रहा है। सीएम धामी ने मामले की भनक लगते ही तत्काल एक्शन में आकर एसटीएफ को फ्री हैंड दे दिया। नतीजा यह है कि अब तक 29 लोग जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं और करोड़ों के लेन-देन का खुलासा हुआ है। ऐसे में कहा जा सकता है कि इस मामले में धामी एक धाकड़ बल्लेबाज की तरह खेल रहे हैं।

इसके बाद भी युवाओं को इंतजार है सीएम धामी के विनिंग शॉट का। इस आयोग के घोटाले ऱूपी इस तालाब के मगरमच्छ भी बताए जा रहे हैं। इन पर काबू के लिए सीबीआई जांच की मांग तेज हो रही है। विपक्ष यह मांग कर रहा है तो सोशल मीडिया में जांच के लिए कई अभियान चल रहे हैं। माना जा रहा है कि फिलवक्त हालात को समझ रहे सीएम धामी किसी भी वक्त मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर सकते हैं। ऐसा करके धामी युवाओं में अपनी लोकप्रियता को और भी बढ़ा सकते हैं।

इधर, कुछ इसी तरह का मामला विधानसभा का भी आ रहा है। कानून के जानकारों का मानना है कि सरकार इस मामले में अपने स्तर से सीधे कुछ नहीं कर सकती है। सीएम धामी कह चुके हैं कि वे स्पीकर से आग्रह करेंगे कि जो मामले सामने आ रहे हैं, उनकी जांच कराई जाए। सीएम ने कहा कि नियुक्तियां किसी भी काल खंड (भाजपा का स्पीकर रहा हो या कांग्रेस का) सभी की जांच होनी चाहिए।

स्पीकर ऋतु खंडूड़ी फिलवक्त विदेश में हैं। उनकी वापसी के बाद ही दिखेगा कि वे किस अंदाज में बल्लेबाजी के लिए मैदान में आती हैं। यहां बता दें कि ऋतु एक बेहद कड़क प्रशासक रहे पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी की पुत्री हैं और उनके पति केंद्र सरकार में सचिव स्तर के अधिकारी हैं।

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