प्राइवेट आउटसोर्सिंग एजेंसियों की मनमानी के खिलाफ मोर्चा ने दी शासन में दस्तक

प्राइवेट आउटसोर्सिंग एजेंसियों की मनमानी के खिलाफ मोर्चा ने दी शासन में दस्तक
देहरादून- जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएनवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन से मुलाकात कर प्राइवेट आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा सरकारी विभागों व निगमों आदि में प्रायोजित/प्रायोजित कार्मिकों के शोषण के खिलाफ ज्ञापन सौंपा।
नेगी ने कहा कि प्रदेश भर के सरकारी विभागों/ निगमों में प्राइवेट आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्योजित/ प्रायोजित कर्मचारियों को एजेंसीज द्वारा पे- स्लिप मुहैया नहीं कराई जाती, जिससे कार्मिकों का शोषण हो रहा है।
आलम यह है कि कर्मचारियों को यह भी नहीं मालूम कि हमें कितना वेतन सरकार देती है तथा क्या मानक हैं! नेगी ने कहा कि एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों से इपीएफ व कमीशन के नाम पर कटौती की जा रही है, लेकिन कार्मिकों को यह पता नहीं है कि उसका इपीएफ कट भी रहा है या नहीं ! उनका इपीएफ नंबर क्या है खुद कर्मचारियों को मालूम नहीं ! विभागों में कार्यरत प्रवक्ताओं, बीआरपी- सीआरपी व अन्य कार्मिकों को इन अनियमितताओं के चलते अपना भविष्य अधर में दिख रहा है।
नेगी ने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित वेतन से इन एजेंसियों द्वारा भारी कटौती की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अपने निजी स्वार्थ के चलते बेसुध बना हुआ है। मोर्चा इस मामले को सरकार के समक्ष भी रखेगा।