हरिद्वार में मनाया गया ‘सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा’ जागरूकता अभियान
हरिद्वार में मनाया गया ‘सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा’ जागरूकता अभियान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार , परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त त्ववधान में ‘सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा’ जागरूकता रैली का किया गया आयोजन यातायात नियमों के पालन और जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार से सुरक्षित रहेगा हर जीवन: जनपद न्यायाधीश, विधि के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया सड़क सुरक्षा का संदेश।
हरिद्वार। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार के तत्वावधान में ‘सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा’ अभियान के अंतर्गत एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार नरेंद्र दत्त के द्वारा न्यायालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान जनपद न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि यातायात नियमों का पालन करना और सड़क पर जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार करना हम सभी का परम कर्तव्य है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि अगर हर नागरिक सजग रहे, तो ‘यातायात नियमों के पालन और जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार से सुरक्षित रहेगा हर जीवन’। दुर्घटनाओं को केवल कानूनी कड़ाई से नहीं, बल्कि जन-जागरूकता और आत्म-अनुशासन से ही रोका जा सकता है।
इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विधि के छात्रों ने एक बेहद प्रेरणादायक नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी।
नाटक के माध्यम से छात्रों ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ओवरस्पीडिंग न करने और शराब पीकर गाड़ी न चलाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर उपस्थित जनसमुदाय को जागरूक किया। विधि के छात्रों ने अपने जीवंत अभिनय से यह संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा ही जीवन की असली रक्षा है।
इस विशाल जागरूकता रैली में परिवहन विभाग से वरुणा सैनी, उपस्थित रही, इस अभियान को सफल बनाए जाने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार की सचिव सिमरन जीत कौर ने धन्यवाद किया, इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्र , एल ए डी सी अधिवक्तागण, पैनल अधिवक्ता , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का समस्त स्टाफ,भारी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे, लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
इसके साथ ही, आज ‘विश्व बाल श्रम निषेध दिवस’ के अवसर पर हरिद्वार के प्रसिद्ध हर की पैड़ी क्षेत्र में एक विशेष जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया। यह शिविर जिला बाल कल्याण समिति, श्रम विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
बच्चों को दी गई जानकारी: शिविर में वहाँ उपस्थित बच्चों और स्थानीय लोगों को बाल श्रम निषेध से जुड़े कानूनों और बच्चों के अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
जागरूकता अभियान: इसके साथ-साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रम विभाग और बाल कल्याण समिति द्वारा समाज से बाल श्रम जैसी कुप्रथा को पूरी तरह से रोकने के लिए क्षेत्र में एक सघन जागरूकता अभियान भी चलाया गया, ताकि कोई भी बच्चा अपने शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।