विस भर्तीः फिर गुटों में बंटी दिख रही उत्तराखंड कांग्रेस

अकेले से दिख रहे यशपाल और कुंजवाल
प्रदेश प्रभारी, अध्यक्ष व अन्य दिग्गज एक तरफ
सभी स्पीकरों के कार्यकाल के जांच की मांग तेज
राहुल ने भी लिखा, विस तक है नौकरी माफिया
देहरादून। विस में भर्तियों की जांच की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस का गुटीय स्वरूप फिर से सामने दिख रहा है। प्रदेश प्रभारी और अध्यक्ष के साथ अन्य बड़े नेता अब तक के सभी स्पीकरों के कार्य़काल की जांच की मांग दिल्ली तक रहे हैं। राहुल गांधी ने भी इसी तरह की मांग की है। ऐसे में स्पीकर रह चुके यशपाल आर्य और गोविंद सिंह कुंजवाल अलग-थलग से दिख रहे हैं। पूर्व सीएम हरदा भी सिर्फ कुंजवाल की पैरवी करते दिख रहे हैं।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं की गड़बड़ी में जहां गिरफ्तारियां हो रहीं हैं, वहीं विस में मनमानी भर्तियों पर बयानबाजी हो रही है। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस की गुटबाजी साफ दिख रही है। सबसे पहले राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में आयोग की गड़बड़ियों का जिक्र करने के साथ ही यह भी लिखा कि उत्तराखंड में नौकरी माफिया विधानसभा तक पहुंच गया है। जाहिर है कि राहुल ने यह पोस्ट प्रदेश कांग्रेस से मिले फीड के आधार पर ही लिखी होगी।
इधर, प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी समेत अन्य नेता देहरादून से दिल्ली तक यही मांग कर रहे हैं कि राज्य गठन के बाद से जितने भी स्पीकर रहे हैं, सभी के कार्यकाल की जांच कराई जाए। सूर्यकांत धस्माना ने कांग्रेस की इस मांग के समर्थन में एक फेसबुक लाइव भी किया है।
कांग्रेस की इस मांग से स्पीकर रह चुके मौजूदा नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और गोविंद सिंह कुंजवाल असहज से हो रहे हैं। कुंजवाल के समय की नियुक्तियों के कागजात बाहर आ चुके हैं और वे खुद सफाई देते घूम रहे हैं। उनके पक्ष में केवल पूर्व सीएम हरीश रावत ही दिखाई दे रहे हैं। हरदा कुंजवाल के पक्ष में बोल रहे हैं। इन तमाम हालात के बीच यशपाल आर्य ने पूरी तरह से मौन साध रखा है।
सूत्रों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज अपनी सभी के कार्यकाल की जांच की मांग करके एक तो यह दिखाना चाहते हैं कि वे एकदम निष्पक्षता से बात कर रहे है दूसरी ओर उनके निशाने पर दूसरे गुट के नेता दिखाई दे रहे हैं।