OBC समाज के लिए सुरेश गंगवार सीएम धामी से मिलकर करेंगे बड़ी मांग, कहा सीएम धामी ही कर सकते हैं ये काम

भाजपा नेता डॉ सुरेश गंगवार उत्तराखंड में ओबीसी समाज के हक़ के लिए आगे आए हैं। गंगवार सीएम धामी से ओबीसी समाज को लेकर एक बड़ी मांग रखने जा रहे हैं।
डॉ सुरेश गंगवार ने संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर एवं पिछड़े समाज के सरदार पटेल को याद करते हुए कहा कि संविधान के अनुरूप एससी और एसटी की तरह उत्तराखंड विधानसभा एवं लोकसभा में ओबीसी के आरक्षण निर्धारण करने के लिए वे सीएम धामी से जल्द बातचीत करेंगे।
ओबीसी समाज को किया जा रहा नजरअंदाज : गंगवार
सुरेश गंगवार ने कहा कि कैबिनेट मिनिस्टर सौरभ बहुगुणा ने अपने हालिया बयान में एससी और एसटी समाज के बारे में बात की, गंगवार ने कहा कि हम इस बात का समर्थन भी करते हैं। लेकिन कहीं न कहीं जिला ऊधम सिंह नगर में ओबीसी समाज को नजरअंदाज किया जा रहा है।
सुरेश गंगवार ने कहा कि ऊधम सिंह नगर जिला पिछड़ी जाति बाहुल्य क्षेत्र है। यहां कुमार, कुर्मी गंगवार, राय सिख, मुस्लिम, कलंदर, प्रजापति, कुशवाहा, पासवान, यादव आदि जाति के लोग काफी संख्या में रहते हैं।
सौरभ बहुगुणा को पिछड़ों की भी आरक्षण की बात पुरजोर तरीकों से रखनी चाहिए : गंगवार
सुरेश गंगवार ने कहा कि हमारे कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा सितारगंज से दो बार चुनाव जीते। एक बार उनके पिताजी विजय बहुगुणा को भी सितारगंज की जनता ने राज गद्दी पर बैठाया। उसी दौरान विजय बहुगुणा द्वारा ऐतिहासिक फैसला करते हुए जिला उत्तरकाशी को पिछड़ी जाति बाहुल्य जिला घोषित किया गया था।
गंगवार ने कहा कि यहां यानि यूएस नगर में एससी और एसटी और सर्वाधिक संख्या में ओबीसी जाति के लोग निवास करते हैं। लेकिन विधानसभा सत्र के दौरान कैबिनेट मिनिस्टर सौरभ बहुगुणा द्वारा केवल एससी और एसटी के आरक्षण के संबंध में अपनी बात को रखा गया। जबकि यूएस नगर सर्वाधिक ओबीसी बाहुल्य क्षेत्र है, उसको नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।
पिछड़ी जाति के लोग भी बनें विधायक और सांसद : गंगवार
सुरेश गंगवार ने कहा कि प्रदेश के मुखिया सीएम धामी द्वारा खटीमा से पिछड़ी जाति के व्यक्ति को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाया गया, जिसका वो आभार व्यक्त करते हैं। साथ ही सीएम धामी से ये मांग भी करते हैं कि लोकसभा एवं विधानसभा में पंचायतों की भांति पिछड़ी जाति के लोगों को भी आरक्षण की श्रेणी में रखा जाना चाहिए।
डॉ सुरेश गंगवार ने साथ ही पूर्व सीएम बीसी खंडूरी को भी धन्यवाद करते हुए कहा कि साल 2008 में जब वो उत्तराखंड के सीएम थे तब उन्होंने पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण विधानसभा में पास कर कानून बनाया था जो आज भी प्रदेश में लागू है।
साथ ही गंगवार ने उत्तराखंड के तत्कालीन सीएम स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी को याद करते हुए कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था के अंतर्गत कुल 29 विषय/विभाग पंचायतों के अधीन थे। जिनमें 14 विभागों को पूर्ण रूप से तिवारी द्वारा पंचायतों के अधीन कर दिया गया था। जिसका शासनादेश उस दौरान पूर्व मुख्य सचिव आरएस टोलिया द्वारा जारी किया गया था। शेष 15 विभाग जारी होने को रह गए थे।
इसमें मैं मांग करता हूं कि बाकी बचे विभागों के साथ साथ जो पूर्व में जारी आदेशों का पालन कराने हेतु मौजूदा सीएम धामी के द्वारा इन विभागों पूर्ण रूप से अधीन किया जाए। जो कि तिवारी का अधूरा सपना था। अगर सीएम धामी द्वारा ये निर्णय लिया जाता है तो ये उनकी ओर से स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उत्तराखंड में कोई भी सांसद पिछड़ी जाति का नहीं : गंगवार
गंगवार ने कहा कि उत्तराखंड में कुल 5 सांसद हैं। लेकिन एक भी पिछड़ी जाति का नहीं है। इतना ही नहीं उत्तराखंड के कैबिनेट में एक भी पिछड़ी जाति का मिनिस्टर नहीं है। सुरेश गंगवार ने कहा कि जिला ऊधम सिंह नगर में 9 विधायक हैं, इनमें एक भी विधायक पिछड़ी जाति का नहीं है।
गंगवार ने कहा कि हम प्रत्येक जाति का सम्मान करते हैं, लेकिन ओबीसी जाति को भी नजरअंदाज करना उचित नहीं है।
गंगवार ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में ऊधम सिंह नगर ओबीसी जाति की संख्या के हिसाब से पहले नम्बर पर है, दूसरे पर हरिद्वार और तीसरे पर उत्तरकाशी। लेकिन यूएस नगर में पिछड़ी जाति के लोगों को कोई बड़ा सम्मान नहीं है।
बंगाली समाज को भी मिले सम्मान : गंगवार
सुरेश गंगवार ने कहा कि यूएस नगर जिले में काफी संख्या में बंगाली समाज के लोग पिछले कई सालों से प्रवास कर रहे हैं। इनमें सितारगंज, रुद्रपुर, दिनेशपुर में काफी संख्या में बंगाली समुदाय के लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि बंगाली समाज भाजपा का कैडर वोटर है और भाजपा की जीत में निर्णायक भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी द्वारा अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान बंगालियों को छात्रवृत्ति हेतु नमो शूद्र, पौंड, पौंड्रा, मांझी का प्रमाण पत्र केवल छात्रवृत्ति हेतु जारी किए गए थे।
गंगवार ने कहा कि वो सीएम धामी से मांग करेंगे कि वो बंगाली समाज के लोगों को इन जातियों का दर्जा दिलाने के लिए सामाजिक एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार को विधानसभा में पास कराकर उन्हें ये दर्जा दिलाने का निर्णय लें।
साथ ही कहा कि बंगाली समाज चाहे तो हम सीएम धामी से मांग करते हैं कि अगर बंगाली समाज को किन्हीं कारणों से एससी का दर्जा नहीं दिया जा रहा है तो कम से कम उन्हें ओबीसी का ही दर्जा दिया जाए। अगर ऐसा होता है तो हम सीएम धामी के हमेशा आभारी रहेंगे।