उत्तराखंड

दरवाज़े से लौटाई बारात: प्रशासन और पुलिस का समन्वित प्रयास 

दरवाज़े से लौटाई बारात: प्रशासन और पुलिस का समन्वित प्रयास

बाल विवाह के मामलों में संवेदनशील रुद्रप्रयाग जनपद के जखोली विकास खंड में एक बार फिर से बाल विवाह का मामला सामने आया जिस पर समय रहते हुए प्रशासन, संबंधित विभाग और पुलिस ने समन्वित प्रयास करते हुए त्वरित कार्रवाई की जिससे एक नाबालिग़ बालिका को बालिका वधू बनने से बचाया जा सका। प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 मई 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर अपरान्ह 3:00 बजे ये सूचना प्राप्त हुई कि जखोली ब्लॉक के जखनौली में आज एक नाबालिग लड़की की बारात पौड़ी जिले के कोटद्वार से आने वाली है ।

सूचना मिलते ही चाईल्ड हेल्प लाईन के समन्वयक सुरेंद्र सिंह ने इसकी सूचना ज़िला कार्यक्रम अधिकारी डॉ अखिलेश कुमार मिश्र को दी। डॉ मिश्र के निर्देशन में तुरंत इस हेतु चाइल्ड हेल्पलाइन ,बाल संरक्षण इकाई, और ज़िला बाल कल्याण समिति के कार्मिकों की टीम गठित करते हुए पुलिस विभाग के साथ समन्वयन किया गया और पुलिस टीम के साथ पूरी टीम द्वारा मौका ए वारदात पर शाम को 7:00 बजे ग्राम जखनोली में बारात आने वाले घर के दरवाज़े पर धमक गई ।

टीम ने दृढ़तापूर्वक कार्यवाही करते हुए इस बाल विवाह को रुकवा दिया और ग्राम रामणी ,पोस्ट स्यालिंगा ,कोटद्वार जनपद पौड़ी से आई बारात को रात 10 बजे लड़की के दरवाज़े से वापस लौटने को विवश कर फ़िर से एक नाबालिग लड़की का भविष्य बर्बाद होने से बचा लिया।

हालांकि इस दौरान बाल विवाह रुकवाने गई टीम को तमाम तरह के दबाव और प्रलोभनों से उनके कर्तव्यों से विमुख करने की कोशिश की गई किंतु टीम अपने मकसद से टस से मस नहीं हुई और बारात को मजबूरन बिना दुल्हन के ही वापस जाना पड़ा ।

टीम के सदस्यों ने वर और वधु दोनों पक्षों को साफ़ शब्दों में चेतावनी दी गई कि अगर लड़की के बालिग होने के पहले ऐसा कृत्य करने की कोई कोशिश की गई तो दोनों पक्षों और इस विवाह को करवाने में अन्य सहयोगी लोगों के विरुद्ध FIR दर्ज़ करवाते हुए कानूनी कार्यवाही की जाएगी क्योंकि बाल विवाह ना केवल एक सामाजिक कलंक हैबल्कि एक कानूनी अपराध भी है, जिसमें दोनों पक्ष कानूनी कार्यवाही के दायरे में आयेंगे। लगातार 3 घंटों की काउंसलिंग के बाद दोनों पक्षों द्वारा लिखित सहमति दी गई की 18 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत ही बालिका का विवाह किया जाएगा। तब तक विवाह को रोक दिया गया है ।

इस सराहनीय कार्य हेतु गठित टीम में चाइल्ड हेल्पलाइन से परियोजना समन्वयक सुरेंद्र रावत, जिला बाल संरक्षण इकाई से संरक्षण अधिकारी अरविंद सिंह, जिला बाल कल्याण समिति से सदस्य गीता मलासी, एवं पूजा त्रिवेदी और पुलिस विभाग से सोमवीर सिंह, सन्तोष गुसाई, अनिल सिंह शामिल रहे।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने पूरी टीम और विभाग को इस सराहनीय कार्य के लिए बधाई देते हुए निर्देशित किया है कि बाल विवाह के विरुद्ध जनपद में चलाए जा रहे प्रभावी अभियान को निरंतर ज़ारी रखा जाएगा।

उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि अपने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उनके अच्छे भविष्य की खातिर उनकी शादी बालिग होने के बाद ही करें । पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने भी पूरी टीम को बधाई देते हुए आगे भी प्रशासन और पुलिस द्वारा समन्वित रूप से बाल विवाह के विरुद्ध अभियान को जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

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