पुलिस पर अवैध हिरासत और प्रताड़ना का आरोप

पत्रकार हेम भट्ट ने मानवाधिकार आयोग से लगाई गुहार
पुलिस पर अवैध हिरासत और प्रताड़ना का आरोप
‘सुबह 4 बजे घर से उठा ले गई पुलिस’
परिवार बुरी तरह भयभीत है-हेम भट्ट
हेम भट्ट बोले- परिवार को डराया, 12 घंटे रखा हिरासत में
देहरादून। वरिष्ठ पत्रकार एवं “जय भारत डिजिटल लाइव चैनल” के प्रमुख संवाददाता हेम भट्ट ने पुलिस उत्पीड़न को लेकर उत्तराखण्ड राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बिना किसी नोटिस और वैधानिक प्रक्रिया के उन्हें तड़के घर से उठाकर लगभग 12 घंटे तक अवैध रूप से हिरासत में रखा तथा मानसिक प्रताड़ना दी।
हेम भट्ट ने आयोग को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि 23 मई की सुबह लगभग चार बजे कुछ पुलिसकर्मी उनके देहरादून स्थित शांति विहार फेज-2 आवास पर पहुंचे और बिना पूर्व सूचना जबरन घर में प्रवेश कर उन्हें अपने साथ ले गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिसकर्मियों के व्यवहार से उनकी पत्नी और छोटे बच्चे भयभीत हो गए तथा पूरा परिवार मानसिक तनाव की स्थिति में आ गया।
शिकायत में कहा गया है कि उन्हें किसी अपराधी की तरह विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया और कई बार पूछने के बावजूद यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्हें किस मामले में हिरासत में लिया गया है।
हेम भट्ट का आरोप है कि पुलिस ने ऐसा माहौल बनाया मानो किसी गंभीर आपराधिक कार्रवाई की तैयारी हो।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस द्वारा न तो कोई लिखित नोटिस दिया गया और न ही गिरफ्तारी अथवा पूछताछ से संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध कराया गया। बाद में मौखिक रूप से बताया गया कि नेहरू कॉलोनी थाना में दर्ज एक मुकदमे के अभियुक्त ने उनका नाम लिया है। हालांकि, आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
हेम भट्ट ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह पूरी कार्रवाई संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि इस घटना से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंची है और परिवार भय एवं अवसाद की स्थिति से गुजर रहा है।
पत्रकार ने आयोग से पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने तथा भविष्य में पत्रकारों और आम नागरिकों के साथ इस प्रकार की कार्रवाई रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
गौरतलब है कि पत्रकार हेम भट्ट के साथ हुई ज्यादती के मामले को लेकर पत्रकारों में आक्रोश देखा जा रहा है। विपक्षी दलों ने भी पुलिस की अमानवीय कार्रवाई को लेकर रोष प्रकट किया है।
भाजपा विधायक अरबिंद पांडे भी वीडियो बयान जारी कर पुलिस को चेतावनी दे चुके हैं।
यह भी उल्लेखनीय है कि ईनामी बदमाश प्रदीप सकलानी और हेम भट्ट का कोई पुष्ट संबंध सामने नहीं आया। जबकि पुलिस ने हेम को।पकड़ने के पीछे यह तर्क दिया था कि भू माफिया प्रदीप सकलानी ने हेम भट्ट का नाम लिया है।
सोमवार को हुई बातचीत में हेम भट्ट ने कहा कि उनकी उतनी5 व बच्चे बुरी तरह डरे हुए हैं। 23 मई की सुबह 4 बजे सादी वर्दी में आये पुलिस कर्मियों ने उनके अलावा पत्नी व बच्चों के साथ भी दुर्व्यवहार किया।
हेम भट्ट ने कहा कि उनका परिवार बुरी तरह डरा हुआ है। छोटे छोटे बच्चे आतंकित हो रखे हैं। हेम भट्ट ने कहा कि वो जल्द ही पुलिस शिकायत प्राधिकरण को भी अपनी शिकायत सौंपेंगे। और जरूरत पड़ी तो परिवार समेत धरने पर बैठेंगे।

पत्रकारों ने दून पुलिस की इस गैर जिम्मेदाराना कार्रवाई को लेकर सीएम से सीधे हस्तक्षेप की मांग की गई है।