आरटीई की दूसरी लॉटरी खुलने के इंतजार में अभिभावकों की पथरा गई आंखें- मोर्चा

आरटीई की दूसरी लॉटरी खुलने के इंतजार में अभिभावकों की पथरा गई आंखें- मोर्चा
पहली लॉटरी निकाली गई थी अप्रैल में, गरीब बच्चे आखिर जाएं तो जायें कहां
हर मोर्चे पर विफल हो चुके मंत्री धन सिंह
विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत की लचर कार्य प्रणाली एवं निकम्मे पन की वजह से प्रदेश भर के गरीब बच्चों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत दूसरी पारी की लॉटरी न खोले जाने की वजह से इस सत्र में मिलने वाले दाखिले (ऐडमिशन) नहीं मिल पाए, जोकि सीधे-सीधे तौर पर गरीबों के हक पर डाका मारने जैसा है।
नेगी ने कहा कि दूसरी पारी की लॉटरी अक्सर जुलाई में खुल जाया करती थी, लेकिन माह अगस्त का प्रथम सप्ताह बीतने के उपरांत भी लॉटरी नहीं खोली गई। यहां तक कि लॉटरी का कोई जिक्र तक नहीं हो रहा है।
कारण कुछ भी रहे हों, ये शिक्षा मंत्री का दायित्व है कि अगर भारत सरकार से इस मामले में कोई परेशानी/अडचन आड़े आ रही हो तो उसकी मजबूत पैरवी मंत्री को करनी चाहिए थी, लेकिन मंत्री तो बेसुध हैं |
मोर्चा गैर जिम्मेदार शिक्षा मंत्री से मांग करता है कि इस मामले में जनता को जवाब दें कि आखिर किन कारणों से गरीब बच्चों को दाखिला नहीं मिल पा रहा ! क्यों बच्चों का वर्तमान सत्र 2026-2027 बर्बाद किया जा रहा है! क्यों गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित रखा जा रहा। मोर्चा इस मामले को सरकार के समक्ष रखेगा।