Home राजनीति विधायक को पुलिस कार्यशैली में आई भ्रष्टाचार की ‘बू’

विधायक को पुलिस कार्यशैली में आई भ्रष्टाचार की ‘बू’

चीमा बोले, अज्ञात में मुकदमा दर्ज करने से लोग हो रहे परेशान

विस में उठाऊंगा ये मामलाः भाजपा विधायक

देहरादून। अब तक को सत्तारूढ़ दल के विधायक और मंत्रियों की ओर से शासन-प्रशासन के अफसरों पर मनमानी के आरोप लगाए जाते रहे हैं। लेकिन इस बात सत्तारूढ़ भाजपा के ही एक विधायक हरभजन सिंह चीमा ने पूरे प्रदेश की पुलिस पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। बकौल विधायक उन्हें इस कार्यशैली में भ्रष्टचार की बू आ रही है। विधायक यह भी कह रहे हैं कि विस के अगले सत्र में वे इस मामले को सदन में उठाने वाले हैं।

ऊधमसिंह नगर जिला अफसरों की कार्यशैली पर विधायकों के रुख से चर्चा में रहता है। अब तक तो वहां के डीएम पर विधायक मनमानी का आरोप लगाते रहे हैं। लेकिन इस पर इसी जिले की काशीपुर सीट से विधायक हरभजन सिंह चीमा से उत्तराखंड पुलिस पर ही गंभीर आरोप लगा दिए हैं। विधायक का कहना है कि पुलिस द्वारा कई मामलों में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करना गलत है। अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करने में की बू आती है। संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि पुलिस अज्ञात को प्रतिवादी बनाए। पुलिस अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद कई लोगों को शक के आधार पर हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ करती है। मसलन, किसी मामले में पुलिस द्वारा अज्ञात पर केस दर्ज कर चार-पांच लोगों को उठाया जाता है और फिर इनमें से दो को आरोपी ठहराकर तीन को छोड़ दिया जाता है तो वह लोग खुद को प्रताड़ित महसूस करते हैं और इनमें से तमाम लोग न्याय पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं। स्पष्ट शब्दों में कहें तो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किये जाने में पुलिस की पारदर्शिता पर भी सवाल उठते हैं और भ्रष्टाचार की बू आती है। लिहाजा इसमें बदलाव की जरूरत है।

विधायक हरभजन सिंह

 विधायक श्री चीमा ने कहा कि भारतीय संविधान में उल्लेख है कि सौ दोषी छूट जाएं लेकिन एक भी निर्दोष को सजा न हो। इसलिए भारतीय संविधान का पालन करते हुए पुलिस को चाहिए कि वह अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करने के उपरांत पूछताछ के लिए लोगों को उठाकर प्रताड़ित करना बंद करे। अगर ऐसा नहीं किया गया तो वे इस मामले को विस के अगले सत्र में उठाएंगे।

इस बयान की क्या हो सकती है वजह

विधायक हरभजन सिंह चीमा का अपनी ही सरकार की पुलिस पर इस तरह का आरोप तमाम सवाल खड़े कर रहा है। कुछ लोग विधायक के इस बयान को आईपीएस अफसर बरिदंरजीत सिंह को ऊधमसिंह नगर से एसएसपी पद से हटाने उपजी नाराजगी बता रहे हैं तो यह भी कहा जा रहा है कि विधायक को अपने किसी नजदीकी पर पुलिस कार्यवाही का खतरा दिख रहा है।

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