उत्तराखंड

PIB देहरादून पत्रकार दल का उड़ीसा दौरा: संस्कृति, विकास और तकनीक की नई तस्वीर

भुवनेश्वर। उत्तराखण्ड देहरादून से आए 15 वरिष्ठ पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने उड़ीसा दौरे के प्रथम दिन महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं। यह अध्ययन दौरा केंद्र सरकार की योजनाओं और राज्य के विकास मॉडल को समझने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आज सोमवार को पीआईबी ओडीशा के एडिशनल डीजी अखिल कुमार मिश्रा के साथ परिचय सत्र से हुई। 1999 बैच के इंडियन इंफॉर्मेशन सर्विस अधिकारी मिश्रा ने सभी पत्रकारों से संवाद करते हुए अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक पत्रकार का व्यक्तिगत परिचय लिया और पारंपरिक सम्मान स्वरूप सभी को “पट्टा” पहनाकर स्वागत किया। उन्होंने बताया कि उनकी ट्रेनिंग मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में हुई थी।

उड़ीसा की संस्कृति और पत्ताचित्र

पट्टा उड़ीसा की प्रसिद्ध पत्ताचित्र कला का आधार होता है। यह कपड़े या ताड़पत्र (पाम लीफ) पर बनाया जाता है। इस पर भगवान जगन्नाथ, कृष्ण और पौराणिक चित्र उकेरे जाते हैं। प्राकृतिक रंगों और बारीक हाथ की नक्काशी इसकी पहचान है। यह उड़ीसा की समृद्ध संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक है।

उड़ीसा में रेल कॉरिडोर योजना

मिश्रा ने जानकारी दी कि डबल इंजन सरकार के कार्य स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उड़ीसा में रेल कॉरिडोर योजना राज्य के खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों को बंदरगाहों से जोड़ने की एक बड़ी पहल है।

इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने लगभग ₹28,000 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। इससे कोयला, लौह अयस्क और अन्य खनिजों का परिवहन तेज और सस्ता होगा। नई रेल लाइनों से पारादीप व धामरा जैसे पोर्ट की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। यह परियोजना उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी। सामान्य रेलवे ट्रैफिक पर दबाव कम होगा और लॉजिस्टिक्स बेहतर होंगे। इसे उड़ीसा के आर्थिक विकास के लिए एक ऐतिहासिक और गेम-चेंजर कदम माना जा रहा है।

सेमीकंडक्टर योजना: टेक्नोलॉजी की ओर बड़ा कदम

मिश्रा ने बताया कि उड़ीसा में सेमीकंडक्टर योजना लागू हो चुकी है और कई प्रोजेक्ट शुरू हो गए हैं। भुवनेश्वर में चिप निर्माण और पैकेजिंग यूनिट स्थापित की जा रही हैं। करीब ₹4000–₹4600 करोड़ से अधिक का निवेश हो रहा है, जिससे हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह परियोजना इलेक्ट्रॉनिक्स, EV और डिफेंस सेक्टर को मजबूती देगी और भारत की विदेशी चिप निर्भरता को कम करेगी। उड़ीसा एक बड़े टेक्नोलॉजी हब के रूप में उभर रहा है।

सुभद्रा योजना और महिला सशक्तिकरण

मिश्रा ने बताया कि उड़ीसा में सुभद्रा वूमेन वेलफेयर योजना प्रभावी रूप से संचालित हो रही है, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है। स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups) के माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर परिवार और समाज में अपनी मजबूत भूमिका निभा रही हैं। यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सफल पहल बनकर उभर रही है।

इस अवसर पर पीआईबी उड़ीसा के अधिकारी महेंद्र जीना भी मौजूद रहे और उन्होंने पत्रकारों के साथ संवाद कर विभिन्न योजनाओं की जमीनी जानकारी साझा की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पीआईबी देहरादून के असिस्टेंट डायरेक्टर संजीव सुंद्रियाल कर रहे हैं, जिनके मार्गदर्शन में यह अध्ययन दौरा संचालित हो रहा है।

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