उत्तराखंड

अब मेरठ से आगे बढ़ेगी ‘नमो भारत’ दिल्ली-हरिद्वार-ऋषिकेश तक सुपरफास्ट रेल कॉरिडोर की तैयारी, मोदी कर सकते हैं ऐलान

अब मेरठ से आगे बढ़ेगी ‘नमो भारत’ दिल्ली-हरिद्वार-ऋषिकेश तक सुपरफास्ट रेल कॉरिडोर की तैयारी, मोदी कर सकते हैं ऐलान

-हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलकर इस प्रोजेक्ट को लेकर प्रदेश के सीएम धामी ने की थी बात

-सुपर फास्ट रेल कॉरिडोर पर्यटन में 200% का करेगा इजाफा
दिल्ली-Meerut-Haridwar कॉरिडोर बड़े इकोनॉमिक ज़ोन में होगा तब्दील

नवीन पाण्डेय, नई दिल्ली/हरिद्वार: दिल्ली-NCR के यात्रियों के तोहफा देने के बाद रेल मंत्रालय उत्तराखंड के हरिद्वार और ऋषिकेश को बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। एक खुशखबरी सामने आई है।

नमो भारत रैपिड रेल, जो अभी सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक चल रही है इसे आगे हरिद्वार और ऋषिकेश तक बढ़ाने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय को दिया गया है। बीते दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करके नमो भारत रैपिड रेल को हरिद्वार-ऋषिकेश तक ले जाने का प्रस्ताव दिया था। जो रेल मंत्रालय तक पहुंच चुका है। इस पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सकारात्मक रुख दिखाया था। अब खबर निकलकर आ रही है कि रैपिड रेल को हरिद्वार-ऋषिकेश तक विस्तार किया जा रहा है।

हालांकि इसके बीच में राजाजी टाइगर रिजर्व से लेकर कई तरह की बाधायें आएंगी। लेकिन भारत सरकार इस प्रोजेक्ट को करने में दिलचस्पी दिखा रही है क्योंकि दिल्ली से उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन शहरों तक जहां सफर बेहद आसान और तेज हो सकेगा, वहीं दिल्ली-मेरठ-हरिद्वार एक बड़ा इकोनामिकल कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा। इसे लेकर अर्द्धकुंभ 2027 से पहले या दिल्ली-देहरादून ग्रीन कॉरिडोर रोड के प्रस्तावित 14 अप्रैल को उद्घाटन पर भी देश के प्रधानमंत्री इस बाबत एलान कर सकते हैं।

मेरठ से आगे ये हैं प्रस्तावित रेलवे लाइन
रेलवे के मुताबिक इस नए रेल कॉरिडोर में दौराला, खतौली, पुरकाजी, रुड़की और ज्वालापुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल होंगे, जिससे इंडस्ट्रियल और एजुकेशनल हब को सीधा फायदा मिलेगा। खासकर IIT रुड़की और हरिद्वार-ऋषिकेश के पर्यटन क्षेत्र में जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

प्रोजेक्ट सिरे चढ़ा तो तीन घंटे में दिल्ली-ऋषिकेश
अगर यह प्रोजेक्ट मंजूर होता है, तो दिल्ली से ऋषिकेश का सफर सिर्फ 2.5 से 3 घंटे में पूरा हो सकेगा, जो अभी के मुकाबले काफी तेज होगा और नेशनल हाईवे-58 के समानांतर हाई स्पीड का रेल कॉरिडोर का सफर मुमकिन होगा। इससे न केवल यात्रा आसान होगी बल्कि लोगों का झुकाव हरिद्वार और ऋषिकेश में सेकंड होम और टूरिज्म निवेश की ओर भी बढ़ेगा।

क्या है इस प्रोजेक्ट को लेकर चुनौतियां
हालांकि, इस प्रोजेक्ट के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं जैसे राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में पर्यावरण क्लियरेंस, महंगी जमीन अधिग्रहण और ट्रैक निर्माण। इसके बावजूद यह प्रोजेक्ट दिल्ली-Meerut-Haridwar कॉरिडोर को एक बड़े इकोनॉमिक ज़ोन में बदल सकता है।

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