उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान 2025’ से सम्मानित होंगे इतिहासकार शीशपाल गुसाईं

देहरादून। उत्तराखण्ड भाषा संस्थान द्वारा साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले साहित्यकारों को प्रदान किया जाने वाला राज्य का प्रतिष्ठित “उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान” वर्ष 2025 हेतु वरिष्ठ पत्रकार एवं इतिहासकार शीशपाल गुसाईं को प्रदान किया जाएगा।
यह सम्मान उन्हें उनकी चर्चित एवं महत्वपूर्ण कृति ‘मध्य हिमालय उत्तराखण्ड की ऐतिहासिक महिलाएं’ के लिए दिया जा रहा है। यह पुस्तक मुगल काल से लेकर वर्तमान समय तक उत्तराखण्ड के पर्वतीय अंचलों की महिलाओं की ऐतिहासिक भूमिका, योगदान एवं संघर्ष को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती है। साथ ही यह पुस्तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी अत्यंत उपयोगी मानी जा रही है।
गुसाईं की अब तक चार पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनके 300 से अधिक शोधात्मक पत्रिकाओं में लेख तथा 1000 से अधिक लेख विभिन्न समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। प्रतिष्ठित समाचार पत्र अमर उजाला, देहरादून में ‘दून कथा’ शीर्षक से उनके 100 से अधिक लेख प्रकाशित हो चुके हैं, जो पाठकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय रहे हैं।
मूल रूप से जनपद उत्तरकाशी के थौलधार ब्लॉक के कंदीसौद गांव निवासी गुसाईं का यह सम्मान नए उदयीमान लेखकों के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। वर्तमान में वे टिहरी-उत्तरकाशी के इतिहास पर विगत लगभग 8 वर्षों से गहन शोध कार्य कर रहे हैं, जिसकी पुस्तक शीघ्र प्रकाशित होने की संभावना है।
अलंकरण समारोह 30 मार्च, 2026 (सोमवार) को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री कार्यालय, न्यू कैन्ट रोड, देहरादून में आयोजित किया जाएगा, जिसमें माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
इस सम्मान के अंतर्गत ₹1,00,000/- (एक लाख रुपये) की धनराशि, सम्मान चिह्न, प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान किया जाएगा।