उत्तराखंड

कैबिनेट मंत्री खजानदास ने लिया देहदान का संकल्प, 51 नए दानियों ने भी बढ़ाया कदम

कैबिनेट मंत्री खजानदास ने लिया देहदान का संकल्प

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देहदानियों के परिजन हुए सम्मानित, आंखें हुई नम

देहरादून। दधीचि देहदान समिति की ओर से पंचम दधीचि यज्ञ और देहदानियों का उत्सव कार्यक्रम में देहदान करने वाले लोगों के परिजनों को सम्मानित किया। इस दौरान उनकी आंखें अपने परिजनों की याद में नम हो गईं और भावुक क्षणों के बीच 51 नए संकल्प लेने वालों का परिचय कराया गया।

मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री खजानदास ने स्वयं देहदान करने का संकल्प लिया। रविवार को शहर के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वे इस पवित्र कार्य से अभिभूत हैं और मानव कल्याण के लिए अपनी देह का दान करने का संकल्प लेते हैं।
विशिष्ट अतिथि चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। देह के अभाव में छात्र मेडिकल साइंस को गहराई से नहीं समझ सकते। सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है।

साढ़े चार वर्षों में 700 से अधिक ने लिया संकल्प
समिति के अध्यक्ष डॉ. मुकेश गोयल ने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 700 से अधिक लोगों ने देह, अंग एवं नेत्रदान का संकल्प लिया है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में अब तक 25 देहदान और 100 से अधिक कॉर्निया प्रत्यारोपण संपन्न कराए जा चुके हैं। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार अरोड़ा ने 51 नए संकल्पित दानियों का परिचय कराया।

कार्यक्रम में परिजनों और बच्चों का किया सम्मान
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार वर्मा और संचालन महासचिव नीरज पांडेय ने किया। समारोह में पिछले आठ महीनों में देह व नेत्रदान करने वाले 8 दानदाताओं के परिजनों और पेंटिंग प्रतियोगिता के विजेता स्कूली बच्चों को पुरस्कृत किया गया।

इस अवसर पर देहरादून के सीएमओ, एम्स ऋषिकेश के ऑर्गन ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. कर्मवीर सिंह और प्रो. अतुल गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहे।

डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। देह के अभाव में छात्र मेडिकल साइंस को गहराई से नहीं समझ सकते। सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है।

मुख्य वक्ता आरएसएस के क्षेत्र सह प्रचार प्रमुख तपन ने कहा कि व्यक्ति को जीते जी और मृत्यु के बाद भी समाज के काम आना चाहिए।

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