एक्सक्लुसिव

उत्तराखंड के ड्रीम प्रोजेक्ट को यूपी ने दिया झटका

सहारपुर वन विभाग के तेवर तल्ख़, एनएचआई का वर्तमान प्रस्ताव मंजूर नहीं

टनल की रकम से क्यों नहीं बना रहे एलीवेटेड सड़क

नवीन पाण्डेय, देहरादून/सहारनपुर

उत्तर प्रदेश सरकार के वन विभाग ने उत्तराखंड सरकार के महत्वकांक्षी दिल्ली से वाया सहारनपुर होकर गुजरने वाली एलिवेटेड सड़क पर एनएचएआई को दो टूक कहा है। यदि एलिवेटेड सड़क नहीं तो फिर कार्य की मंजूरी भी नहीं दी जाएगी। वन विभाग के इस सख्त रवैया के बाद उत्तराखंड सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट खटाई में पड़ता दिखाई दे रहा है। वन विभाग का साफ कहना है एनएचआई अब मोहंड टनल पर दूसरा टनल नहीं बना रहा। इससे बचे करोड़ों की रकम से सहारनपुर के गणेशपुरा से मोहंड तक 6 किलोमीटर की एलिवेटेड सड़क क्यों नहीं बना रहा ? जाहिर है वन विभाग के इस रुख से उत्तराखंड सरकार के इस महत्वकांक्षी योजना को लेकर फिलहाल ग्रहण लगता दिख रहा है।

उत्तराखंड सरकार ने दिल्ली से देहरादून तक एलिवेटेड सड़क को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल किया था। सब कुछ सही चल रहा था। एनएचआई की ओर से सड़क निर्माण का काम भी तेजी से किया जा रहा था लेकिन सहारनपुर के गणेशपुरा से मोहंड के बीच कुल 6 किलोमीटर की एलिवेटेड सड़क बनाने की बात को लेकर मामले में पेंच का हल निकलता नहीं दिख रहा है। सहारनपुर वन विभाग ने साफ कर दिया है कि मोहंड टनल पर दूसरा टनल जब नहीं बन रहा है तो फिर इसपर खर्च होने वाली करोड़ों की रकम से एनएचआई सहारनपुर के गणेशपुरा से मोहंड तक अपनी सहमति प्रदान क्यों नहीं कर रहा। यदि ये विवाद गहराता गया तो उत्तराखंड सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट महज ढ़ाई से तीन घंटे में दिल्ली से देहरादून का सफर दूर की कौड़ी हो जाएगी। 

एनएचएआई का यह है कहना

वैभव मित्तल

दिल्ली से देहरादून के बीच करीब 1900 करोड़ के आसपास का प्रोजेक्ट है। उत्तराखंड के देहरादून तक एलिवेटेड सड़क बनेगी। देहरादून के आशारोड़ी में दो जगह एलीफेंट पाथ के रूप में वन्यजीवों के आवागमन के लिए जगह भी दी गई है। सहारनपुर के गणेशपुरा से मोहंड तक तकरीबन 6 किलोमीटर रोड पर भी डेढ़ सौ मीटर का एक बड़ा पैच वन्यजीवों के लिए दिया जा रहा है। जिससे वन्य जीव और इंसानों के बीच कोई संघर्ष नहीं होगा। काफी चौड़ी सड़क है। मोहंड पर अब एक और टनल नहीं बनेगा। इससे काटकर पेड़ पौधे और पहाड़ नहीं कटेंगे। इसका ख्याल एनएचआई ने रखा है। सहारनपुर के गणेशपुरा से मोहंड तक के बीच का मसला सहारनपुर वन विभाग ने संज्ञान में लेकर कुछ बातें कहीं हैं। जिसके बाबत एनएचआई के चेयरमैन को अवगत करा दिया गया है। जो कुछ भी दिशानिर्देश या प्रोजेक्ट रूप में आएगा, उसी अनुरूप आगे कार्य किया जाएगा।-वैभव मित्तल, परियोजना निदेशक, एनएचआई, देहरादून

सहारनपुर वन विभाग का ये है कहना

वीके जैन

मोहंड पर एक और टनल अब नहीं बना रहा है। इसपर करीब 700 करोड़ की लागत आ रही थी, पर अब टनल नहीं बनने से ये रकम बचेगी। यदि एनएचआई 6 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड सड़क गणेशपुरा से मोहंड टनल इसी रकम से बनाये तो भी उसे 200 से 300 करोड़ की बचत होगी। फिर क्यों एनएचआई खुद इस प्रोजेक्ट को अटकाने पर लगा हुआ है। वन्य जीवों के हित से कतई समझौता नहीं किया जा सकता है। एनएचआई इस बात पर विचार करें अन्यथा सड़क निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।  वीके जैन, मुख्य वन संरक्षक सहारनपुर वन वृत्त

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