पुलिस मुख्यालय नहीं गृह सचिव ही हैं जिम्मेदार
पुलिस मुख्यालय नहीं गृह सचिव ही हैं जिम्मेदार
आख्रिर क्यों नहीं भेजे गए राष्ट्रपति पुरुस्कार के लिए नाम
छोटी सी तहक़ीक़ात और बड़ी हक़ीक़त सामने है
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पदक नहीं मिलने का ठीकरा PHQ पर फोड़ा गया लेकिन उसका असली दोषी गृह विभाग है, कटघरे में आए गृह सचिव शैलेश बगोली को यह बताना चाहिए कि उन पुलिस वालों को किस बात की सजा दी गई जिन्हें राष्ट्रपति और गृहमंत्री पदक मिलने थे।
जिस फाइल के अप्रूवल में सप्ताह भर का समय बहुत था उस फाइल की मंजूरी में 27 दिन क्यों लगाए ? इसी वजह से केंद्रीय गृह मंत्रालय के पोर्टल पर नाम अपलोड नहीं हो सके।
तारीखों के आईने में देखिए
24 जून को PHQ ने उन नामों की फाइल स्वीकृति के लिए गृह विभाग को भेजी जिन्हें पदक मिलने थे।
21 जुलाई को शासन ने स्वीकृति के बाद फाइल वापस PHQ भेजी
9 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्रालय का पोर्टल बंद हो चुका था।
इसके लिए सीधे तौर पर गृह विभाग के अफसरों की जिम्मेदारी फिक्स होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री @pushkardhami प्रदेश के गृह मंत्री भी है, उन्हें इस मामले में एक जांच कराकर उचित कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि इससे फोर्स का मनोबल टूटता है, यह इसलिए भी जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी काहिली के चलते उत्तराखंड पुलिस राष्ट्रपति पदक से वंचित न रहे।
वरिष्ठ पत्रकार अजित राठी की फेसबुक वॉल से साभार