संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक गैरोला ने किया आदर्श संस्कृत ग्राम गोदा का निरीक्षण

गोदा (पौड़ी) उत्तराखण्ड शासन के संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार गैरोला द्वारा आदर्श संस्कृत ग्राम गोदा का निरीक्षण किया गया।
27-06-2026 को उत्तराखण्ड शासन के संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार गैरोला ने पौड़ी जनपद के आदर्श संस्कृत ग्राम गोदा का निरीक्षण किया और ग्राम वासियों से संवाद करते हुए कहा कि संस्कृत देववाणी है और हम देवभूमि उत्तराखण्ड में निवास करते हैं। अतः प्रत्येक ग्राम वासी को संस्कृत संभाषण सीखना चाहिये, तभी हम भारतीय ज्ञान परम्परा को समझ पायेंगे। संस्कृत के अध्ययन से हमारे बच्चों में संस्कृति, संस्कार और चरित्र का निर्माण होगा।

उन्होंने ग्रामवासियों को आकाशवाणी/ दूरदर्शन के समाचारों को नियमित रूप से सुनने का अभ्यास करते हुए श्रवण विद्या के ज्ञान को उजागर कर एक शिशु की भाँति बोलने की कला को विकसित करने पर जोर देकर संस्कृत बोलना सीखने पर बल दिया।
उन्होंने सरकार द्वारा द्वितीय राजभाषा संस्कृत के उत्थान के लिये किये जा रहे प्रयासों से ग्राम वासियों को अवगत कराया। बालिकाओं एवं अनुसूचित जाति/जनजाति के बच्चों हेतु संस्कृत शिक्षा के प्रोत्साहन हेतु छात्रवृत्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बालिकाओं एवं उनके माता-पिता/ अभिभावकों से उत्तराखंड संस्कृति विश्वविद्यालय में इसी सत्र से प्रारंभ हो रहे छात्रावास का ज़िक्र करते हुए वहाँ दाखिला लेने का आह्वान किया।
संस्कृत ग्रामों के अतिरिक्त समय समय पर अन्यत्र स्थानों, यथा सचिवालय परिसर, विधानसभा सत्र, समर कैम्प में लगने वाले संभाषण शिविरों एवं ऑनलाइन संस्कृत संभाषण कक्षा के बावत भी जानकारी दी।
उत्तराखंड के संस्कृत विद्यालयों में गणित एवं विज्ञान विषयों के प्रारंभ करने की जानकारी देने के साथ-साथ संस्कृत विद्यार्थियों हेतु भी परीक्षा सुधार प्रारंभ होने के बावत भी जानकारी दी गयी।
वैदिक गणित के अतिरिक्त संस्कृत शास्त्रों में निहित गूढ़ ज्ञान/विज्ञान यथा प्रज्ञा चक्षु, मंत्र चिकित्सा के साथ-साथ संस्कृत को रोजगार से अधिकाधिक जोड़ने, संस्कृत शास्त्रों का अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में अनुवाद कराने इत्यादि पर भी चर्चा हुई। आने वाले कुम्भ में हरिद्वार- ऋषिकेश को संस्कृत नगरी बनाने के सरकार के प्रयासों बावत भी जानकारी दी गई।
निरीक्षण कार्यक्रम में ग्रामवासी बच्चों व महिलाओं ने संस्कृत में संवाद, संस्कृत गीत, सुभाषित गान आदि कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभी ग्राम वासियों ने अपना परिचय संस्कृत भाषा में दिया। मम नाम दीपिका अस्ति, मम पितुः नाम संजीव गोदियालः अस्ति।
संस्कृत ग्राम गोदा के प्रधान सौरभ गोदियाल ने अतिथियों स्वागत किया व संस्कृत ग्राम के विकास हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत कर आग्रह किया गया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम् हरिद्वार के शोध अधिकारी ने आदर्श संस्कृत ग्राम की परिकल्पना व उद्देश्य से अवगत कराया। उन्होंने संस्थानम द्वारा संस्कृत झाँकी, संस्कृत दिवस/सप्ताह, ब्लॉक से राज्य स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिताओं के माध्यम से संस्कृत के प्रचार-प्रसार के बारे में भी विस्तार से बताया। किस तरह से, पिछले दो वर्षों से समस्त सरकारी कार्यालयों/ संस्थानों में द्विभाषी नाम पट्टिकाओ का कार्य द्रुत गति से किया जा रहा है का भी वर्णन किया।
इससे पूर्व सचिव दीपक कुमार के संस्कृत ग्राम गोदा पहुंचने पर ग्राम वासियों ने मुख्य द्वार पर स्वस्ति वाचन व पुष्प वृष्टि कर भव्य स्वागत किया।
कार्यक्रम में पौडी के सहायक निदेशक मनोज कुमार सेमल्टी, खिर्सू नायब तहसीलदार सुदामा सिंह, शौर्य चक्र विजेता कैप्टन देवीप्रसाद गोदियाल, राजस्व निरीक्षक विजेंद्र सिंह, अनुसूया प्रसाद गोदियाल, रघुनन्दन गोदियाल, आशाराम, राजेश्वरी देवी, इन्दु देवी, ललित मोहन गोदियाल आदि ग्रामवासी उपस्थित रहे।