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असंवैधानिक है एसएस जीना विवि के वीसी की नियुक्ति!

भाजपा नेता जुगरान ने कुलाधिपति से की निरस्तीकरण की मांग

अब तक राज्य लोसेआ के थे सदस्य

देहरादून। भाजपा के वरिष्ठ नेता रवींद्र जुगरान ने सोबनसिंह जीना विवि के कुलपति प्रो. एनएस भंडारी की नियुक्ति को असंवैधानिक बताया है। राज्यपाल (कुलाधिपति) को भेजे एक पत्र में जुगरान ने इस नियुक्ति को निरस्त करने की मांग की है।

राज्य सरकार ने कुछ माह पहले ही प्रो. भंडारी को उत्तराखंड राज्य लोक सेवा आयोग में सदस्य नामित किया था। दो रोज पहले उन्हें सोबनसिंह जीना विवि का कुलपति नामित किया गया है। भाजपा नेता जुगरान ने इस नियुक्ति को असंवैधानिक करार दिया है। इस बारे में राज्यपाल को भेजे गए एक पत्र में जुगरान ने कहा कि भारतीय संविधान की धारा 319 में कहा गया है कि किसी भी लोक सेवा आयोग का सदस्य राज्य या केंद्र सरकार में किसी अन्य तरीके से नियोजित नहीं हो सकता है। लिहाजा इस असंवैधानिक नियुक्ति को निरस्त किया जाए। जुगरान ने यह भी लिखा है कि राज्य लोक सेवा आयोग की स्थापना से अब तक सदस्यों के मनोनयन में नियमों का पालन नहीं किया गया है। इसकी विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ एक्शन करना चाहिए।

विधि विशेषज्ञ नदीम उद्दीन

इस बारे में संविधान विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिवक्ता नदीम उद्दीन का कहना है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 319 (घ) में साफ कहा गया है कि संघ या राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य केंद्र या राज्य सरकार में नियोजन के अधिकारी नहीं होंगे।

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