2026 के लिए उत्तराखण्ड पुलिस का रोडमैप तय, डीजीपी दीपम सेठ की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

उत्तराखण्ड 03 जनवरी, 2026
◼️ 2026 के लिए उत्तराखण्ड पुलिस का रोडमैप तय, डीजीपी दीपम सेठ की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
◼️ आंतरिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और ड्रग्स-फ्री देवभूमि मिशन पर विशेष फोकस
◼️ पुलिस कल्याण, पदोन्नति और प्रशिक्षण को प्राथमिकता, ई-ऑफिस के प्रभावी उपयोग और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया पर जोर
पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ द्वारा आगामी वर्ष के लिए निर्धारित उत्तराखण्ड पुलिस की प्राथमिकताओं के संबंध में सरदार पटेल भवन में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस मुख्यालय की सभी शाखाओं की कार्यप्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कदमों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान डीजीपी महोदय द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश प्रदान किए गए—
▪️एंटी टेरर कॉन्फ्रेंस-2025 के दौरान माननीय केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में, राज्य की आंतरिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से साइबर सर्विलांस एवं साइबर इंटेलिजेंस को विशेष प्राथमिकता दिए जाने के निर्देश दिए गए।
▪️ATS, ANTF एवं ट्रैफिक निदेशालय के पुनर्गठन पर विशेष जोर दिया गया। एंटी टेरर कॉन्फ्रेंस-2025 में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा ATS की संरचना में एकरूपता पर दिए गए निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई तथा माननीय मुख्यमंत्री जी के ड्रग-फ्री उत्तराखण्ड के विज़न को साकार करने हेतु ANTF को इस वर्ष और अधिक सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए गए।
▪️शीघ्र ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें DGP-IGP Conference-2025 के एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन एवं भविष्य की पुलिस रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
▪️साइबर अपराधों की त्वरित शिकायत निस्तारण हेतु 1930 हेल्पलाइन को और अधिक प्रभावी बनाते हुए 112 इमरजेंसी सिस्टम से उसके बेहतर एवं तकनीकी रूप से मजबूत समन्वय पर विशेष बल दिया गया।
▪️मुख्यालय स्तर पर सभी अधिकारी अपने-अपने अनुभागों से संबंधित प्रस्तावों, प्राथमिकताओं एवं लक्ष्यों के अनुरूप ठोस एवं समयबद्ध एक्शन प्लान तत्काल प्रस्तुत करेंगे। साथ ही वित्तीय वर्ष की समाप्ति (31 मार्च) से पूर्व बजट, प्रोक्योरमेंट एवं अन्य वित्तीय मामलों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
▪️विगत वर्ष की लंबित पत्रावलियों तथा शासन स्तर पर लंबित प्रस्तावों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए, जिससे प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक विलंब को रोका जा सके।
▪️फाइल कार्यों में अनावश्यक विलंब को समाप्त करने के लिए समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया अपनाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री के विज़न “सरलीकरण, समाधान और निस्तारण” का उल्लेख किया गया। सभी अनुभागों में पत्रावलियों की गति बढ़ाने एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-ऑफिस / ई-फाइल प्रणाली के माध्यम से ही फाइलों के मूवमेंट पर विशेष जोर दिया गया।
▪️पीटीसी नरेंद्रनगर में उन्नत एवं विशेषीकृत प्रशिक्षण हेतु प्रस्तावित Centre of Excellence के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी कर निर्णय हेतु अवगत कराया गया।
▪️ सभी इकाइयों को समय पर ACR भरने के निर्देश दिए गए, जिससे पुलिस कर्मियों के कल्याण, पदोन्नति, पदक, प्रशस्ति एवं अन्य प्रेरक पुरस्कारों के लिए योग्य कार्मिकों को समय पर लाभ मिल सके।
▪️पुलिस महानिदेशक द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस गीत को व्यापक रूप से प्रचारित किए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यह गीत राज्य की सांस्कृतिक पहचान, पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा एवं सेवा-भावना को अत्यंत सुंदर रूप से अभिव्यक्त करता है। अतः इसे सभी प्रमुख पुलिस आयोजनों, परेडों, दीक्षांत समारोहों, स्थापना दिवस, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं आधिकारिक कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से बजाया जाए, ताकि बल के मनोबल एवं राज्य भावना को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन ए.पी. अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक, दूरसंचार कृष्ण कुमार वी.के., पुलिस महानिरीक्षक, साइबर नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस महानिरीक्षक/निदेशक यातायात एन.एस. नपलच्याल, पुलिस महानिरीक्षक, प्रशिक्षण अनन्त शंकर ताकवाले, पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था सुनील कुमार मीणा, धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण व पुलिस मुख्यालय के समस्त अनुभाग अधिकारी उपस्थित रहे।