स्वाभिमान मोर्चा ने कांग्रेस विधायक प्रीतम के आवास पर किया प्रदर्शन
स्वाभिमान मोर्चा ने कांग्रेस विधायक प्रीतम के आवास पर किया प्रदर्शन
प्रीतम और उनके भाइयों में महिला अपमान के मामले में माफी मांगने की मांग
वायरल आडियो को बनाया गया है आधार
देहरादून। महिला सम्मान को लेकर बड़े-बड़े राजनीतिक दावे करने वाले दलों के अपने नेताओं पर ही महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोप लगने लगे हैं।
उत्तराखंड की सियासत में इन दिनों कुछ ऐसा ही सवाल कांग्रेस के सामने खड़ा होता दिखाई दे रहा है। एक तरफ कांग्रेस महिला सम्मान और न्याय की बात करते हुए न्याय यात्रा निकाल रही है, तो दूसरी तरफ चकराता विधायक प्रीतम सिंह के भाइयों से जुड़े कथित वायरल ऑडियो को लेकर लगातार राजनीतिक घमासान मचा हुआ है।
इसी प्रकरण को लेकर बुधवार को मोर्चा ने विधायक आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कांग्रेस लंबे समय से ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ जैसे नारों के जरिए महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की पैरवी करती रही है। इतना ही नहीं, अंकिता भंडारी प्रकरण में भी कांग्रेस नेताओं ने ‘अंकिता हम शर्मिंदा हैं’ जैसे नारों के जरिए न्याय की आवाज बुलंद की। लेकिन जब सवाल अपने ही नेताओं से जुड़ता है तो पार्टी का रवैया बदलता हुआ क्यों दिखाई देता है? क्या महिला सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस की आवाज केवल राजनीतिक विरोध तक ही सीमित है?
स्वाभिमान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस महिला सम्मान के नाम पर न्याय यात्रा निकालकर जनता के बीच बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ उसके ही एक विधायक के परिजनों से जुड़े कथित वायरल ऑडियो में महिलाओं के प्रति अशोभनीय भाषा के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं।