कांग्रेस की नीतियों में बढ़ता विश्वास: पूर्व विधायकों व वरिष्ठ नेताओं का पार्टी में शामिल होना बदलाव का स्पष्ट संकेत – गरिमा मेहरा दसौनी

कांग्रेस की नीतियों में बढ़ता विश्वास: पूर्व विधायकों व वरिष्ठ नेताओं का पार्टी में शामिल होना बदलाव का स्पष्ट संकेत – गरिमा मेहरा दसौनी
आज अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुख्यालय, नई दिल्ली में उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी कुमारी शैलजा प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत पूर्व अध्यक्ष करन महारा सह प्रभारी मनोज यादव एवं सुरेंद्र शर्मा , महामंत्री प्रशासन गुरदीप सप्पल,राष्ट्रीय सचिव काज़ी निजामुद्दीन।
विधायक तिलकराज बेहड़ की मौजूदगी में तीन पूर्व विधायकों एवं कई वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस पार्टी की नीतियों, विचारधारा और नेतृत्व में पूर्ण आस्था व्यक्त करते हुए पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
पार्टी के नए सदस्यों का उत्तराखंड कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री गरिमा मेहरा दसौनी ने खुले मन से स्वागत किया है।
दसौनी ने बताया कि सदस्यता ग्रहण करने वालों में मुख्य रूप से राजकुमार ठुकराल (रुद्रपुर के पूर्व भाजपा विधायक), भीमलाल आर्य (घनसाली से पूर्व भाजपा विधायक), नारायण पाल (सितारगंज से पूर्व विधायक), गौरव गोयल (पूर्व मेयर रुड़की, लाखन सिंह नेगी (भीमताल से वर्तमान जिला पंचायत सदस्य), अनुज गुप्ता (पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मसूरी) और यशपाल राणा (रुड़की) ने कांग्रेस सदस्यता ली है।
गरिमा ने कहा कि उपरोक्त सभी नेताओं का अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत जनाधार है।
गरिमा ने कहा कि कांग्रेस परिवार की ओर से हम सभी नव-प्रवेशित साथियों का हार्दिक स्वागत करते हैं। साथ ही, हम अपने शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार और धन्यवाद व्यक्त करते हैं, जिनकी दूरदर्शिता, समावेशी सोच और जनहितकारी नीतियों के कारण देशभर के अनुभवी और जमीनी नेता कांग्रेस से जुड़ने का निर्णय ले रहे हैं।
दसौनी ने कहा कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि जो नेता आज कांग्रेस में शामिल हुए हैं, उनमें से कई भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं। उनका कांग्रेस की ओर रुख करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भाजपा की नीतियों, कार्यशैली और नेतृत्व को लेकर उनके भीतर गहरी निराशा और असंतोष व्याप्त है। भाजपा में बढ़ती केंद्रीकरण की प्रवृत्ति, जनसरोकारों से दूरी और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी ने अनेक समर्पित नेताओं को स्वयं को उपेक्षित और असहज महसूस करने पर मजबूर किया है।
गरिमा ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी आज भी लोकतंत्र, समावेशिता, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर दृढ़ है। यही कारण है कि अनुभवी जनप्रतिनिधि और समाज के प्रभावशाली लोग कांग्रेस को एक विश्वसनीय और सशक्त विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
गरिमा ने कहा कि हम आशा करते हैं कि यह सकारात्मक सिलसिला आगे भी निरंतर जारी रहेगा और अधिक से अधिक लोग कांग्रेस की विचारधारा से प्रेरित होकर पार्टी से जुड़ेंगे, जिससे देश में एक मजबूत, लोकतांत्रिक और जनहितकारी विकल्प और सशक्त होगा।
गरिमा मेहरा दसौनी