भारत-मलेशिया के बीच संस्कृत और रामायण से मजबूत होंगे सांस्कृतिक रिश्ते, उत्तराखंड ने रखी 8 सूत्रीय कार्ययोजना
उत्तराखंड शासन में सचिव संस्कृत शिक्षा, दीपक कुमार ने नई दिल्ली स्थित मलेशिया गणराज्य के उच्चायोग मे चार्ज डी affair शरीफा एज्नीदा वफा से भेंट की। इस भेंट के क्रम में दोनों ने भारत और मलेशिया के बीच उत्तराखंड राज्य की द्वितीय राजभाषा संस्कृत के उत्थान-प्रचार/प्रसार के साथ-साथ द्विपक्षीय सांस्कृतिक, धार्मिक, आध्यात्मिक और भाषाई सम्बन्धों को मजबूत करने तथा इसे आगे बढाने हेतु काम करने के लिए विस्तार से चर्चा किया।
बातचीत के दौरान सचिव दीपक कुमार ने मलेशिया स्थित विश्वविद्यालयो तथा अन्य सांस्कृतिक संस्थाओ को उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय एवं संस्कृत संस्थानम के साथ काम करने के प्रयोजन से 08 (आठ)बिन्दुओ वाली एक कार्य सूची को हाई कमिश्नर के समक्ष रखा और उन पर साथ मिलकर कार्य करने की इच्छा व्यक्त किया ।
उन्होने उत्तराखंड सरकार द्वारा देवभाषा संस्कृत और भारतीय संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और संवहन के लिए किए जा रहे कार्यो को हाई कमिश्नर के सम्मुख रखते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार देश के प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी की भावना एवँ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी जी के दिशा निर्देश में कार्य कर रही है।
मलेशिया की हाई कमिश्नर ने यह जानकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त किया कि उत्तराखंड राज्य मे बदरीनाथ, केदारनाथ सहित विश्व प्रसिद्ध चार धाम स्थित है और यहाँ संस्कृत भाषा को दूसरी राजभाषा का स्थान प्राप्त है।
बैठक की कार्य सूची मे जिन विषयों पर मिलकर काम करने की बात कही गई उनमें-
1- भारत और मलेशिया के बीच रामायण और संस्कृत भाषा के माध्यम से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सम्बन्धों को मजबूती प्रदान करना।
2- दोनो देशो के विश्वविद्यालयो मे अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं प्रोफेसर का एक्सचेन्ज कार्यक्रम।
3- “वाल्मीकि रामायण” और “हिकायत सेरी रामा” का तुलनात्मक अध्ययन ।
4- रामायण इन साउथ ईस्ट एशिया शेयर्ड हेरीटेज आफ इण्डिया ऐण्ड मलेशिया।
5- द रोल आफ मलेशिया’ज इण्डियन डायस्पोरा कम्युनिटी इन स्ट्रेथनिग कल्चरल लिंक्स बिटवीन इण्डिया ऐण्ड मलेशिया
6- मलेशिया के साथ मिलकर उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार अथवा संस्कृत संस्थानम में अन्तर्राष्ट्रीय कान्फ्रेन्स आयोजित करना प्रमुख विषय रहे।
उपर्युक्त सभी विषयों को मलेशियाई हाई कमिश्नर ने महत्वपूर्ण बताते हुए भारतीय विश्वविद्यालयो के साथ मिलकर काम करने के लिए अपनी प्रसन्नता जताई । इसके लिए उन्होने उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार को एक कान्सेप्ट नोट बनाकर आगे बढने का आह्वान किया ।

उक्त बैठक में सचिव दीपक कुमार के साथ उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार का प्रतिनिधित्व प्रो (डॉ)अरविंदनारायण मिश्र ने किया साथ में मलेशिया उच्चायोग मे फर्स्ट सेक्रेटरी (पोलिटिकल)अहमद रादजी मोहम्मद जिम भी उपस्थित रहे।