उत्तराखण्ड में मदिरा दुकानों का शत-प्रतिशत व्यवस्थापन, विभाग को बड़ी सफलता

देहरादून।
उत्तराखण्ड आबकारी विभाग द्वारा विगत वर्षों में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन करते हुए राज्य के राजस्व सुदृढ़ीकरण में उल्लेखनीय योगदान दिया गया है। विभाग ने अपने निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु प्रभावी रणनीति, पारदर्शी कार्यप्रणाली एवं सुदृढ़ निगरानी व्यवस्था के माध्यम से पिछले पाँच वर्षों से निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है तथा इस अवधि में विभाग राज्य के प्रमुख राजस्व संग्रहण विभागों में अग्रणी रहा है।
नीति के प्रभावी कियान्वयन से आबकारी विभाग ने विगत 03 वर्षों से जहाँ लगभग शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करता रहा है वहीं फुटकर मदिरा की दुकानों विशेष रूप से मैदानी जनपद उधमसिंहनगर एवं नैनीताल में विगत 07 वर्षों से शत प्रतिशत व्यवस्थापन का प्रयास करता रहा है जिसमें विभाग को इस वर्ष बड़ी सफलता मिल रही है और इन जनपदो में शत प्रतिशत व्यवस्थापन करने में विभाग सफल रहा है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये 13 जनपदों के निर्धारित राजस्व लक्ष्य रू0 2604 करोड़ व 2027-28 के लिये रू0 2693 करोड़ के लिये फुटकर मदिरा दुकानो के व्यवस्थापन की प्रक्रिया अन्तिम चरण में है जिसमें 90 प्रतिशत से अधिक व्यवस्थापन किया जा चुका है। यह भी उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 04 बड़े जनपद-नैनीताल, उधमसिंहनगर, हरिद्वार, देहरादून सहित टिहरी, रूद्रप्रयाग, चमोली में शत प्रतिशत व्यवस्थापन का लक्ष्य प्राप्त किया गया है। अन्य जनपदो में अधिकतम राजस्व के संग्रहण की दृष्टि से लॉटरी एवं अधिकतम आफर इत्यादि की प्रक्रिया गतिमान है।
विशेष रूप से, राज्य के मैदानी जनपदों में आबकारी दुकानों के संचालन एवं व्यवस्थापन में उल्लेखनीय सुधार परिलक्षित हुआ है। पूर्व में जहाँ अनेक दुकानों के संचालन में अव्यवस्था एवं अनियमितता की स्थिति देखी जाती थी, वहीं विगत वर्षों में विभागीय प्रयासों के फलस्वरूप लगभग शत-प्रतिशत दुकानों का व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया गया है। इससे न केवल राजस्व में वृद्धि हुई है, अपितु उपभोक्ताओं को भी सुव्यवस्थित एवं नियंत्रित व्यवस्था का लाभ प्राप्त हुआ है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी आबकारी विभाग द्वारा पूर्व वर्षों की भाँति निर्धारित राजस्व लक्ष्य रू05400 करोड़ की प्राप्ति हेतु विभाग शत प्रतिशत व्यवस्थापन की रणनीति पर कार्य कर रहा है। विभाग द्वारा इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सुदृढ़ प्रवर्तन, प्रभावी अनुश्रवण तथा आधुनिक तकनीकी साधनों के उपयोग पर विशेष बल दिया जा रहा है।
आयुक्त, आबकारी, उत्तराखण्ड ने विभाग के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अधिक से अधिक प्रयास करने के निर्देश दिये गये है तथा सभी के समन्वित प्रयासों से चालू वित्तीय वर्ष में भी निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करते हुए विभाग राज्य के राजस्व सुदृढ़ीकरण में अपनी अग्रणी भूमिका बनाए रखेगा।