सीएम धामी के नेतृत्व में ही नई टीम के साथ खेलेगी उत्तराखंड भाजपा

सर्वेःसरकार नहीं, विधायकों के खिलाफ है अवाम में नाराजगी
सीएम धामी के नेतृत्व में ही नई टीम के साथ खेलेगी उत्तराखंड भाजपा
एंटी इंकमबेंसी खत्म कर सरकार की छवि को भुनाने की बनी रणनीति
देहरादून। भाजपा और संघ के एक सर्वे में सामने आया है कि सूबे के अवाम में विधायकों के प्रति खासी नाराजगी है तो सरकार से किसी तरह की नाराजगी सामने नहीं आई है। अब मिशन-2027 फतह करने को दोनों ने रणनीति बनाई है।
तय किया जा रहा है कि सर्वे के अनुसार ही अधिकांश विधायकों का टिकट काट दिया जाए और सीएम धामी को नए खिलाड़ियों के साथ चुनावी समर में उतार दिया जाए। ऐसा इस वजह से किया जा रहा है कि ताकि सरकार की छवि का लाभ उठाया जा सके और एंटी इंकमबेंसी भी खत्म हो जाए।
चुनाव में जाने के पहले भाजपा और संघ ने सभी 70 विधानसभा सीटों पर एक गहन सर्वे कराया है। इसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं हैं। मसलन, धामी सरकार के खिलाफ अवाम में कोई नकारात्मक बात नहीं हैं। अलबत्ता 47 सिटिंग विधायकों में से अधिकांश के प्रति जनता में जनता में खासी नाराजगी है।
अब इसी आधार पर मिशन-2027 फतह करके तीसरी बार काबिज होने की रणनीति बनाई गई है। तय किया जा रहा है कि सर्वे के आधार पर विवादों के घेरे में आए विधायकों को इस बार टिकट देने की बजाए नए चेहरों पर दांव लगाया जाए।
इसके साथ ही यह भी तय किया जा सीएम धामी को ही चुनावी चेहरा बनाया जाए। ऐसा इस वजह से भी किया जा रहा है कि क्योंकि सर्वे में सरकार के प्रति अवाम की किसी तरह की नाराजगी सामने नहीं आई है। थिंक टैंक इस बात पर भी मंथन कर रहा है कि धामी के लिए कौन की सीट ज्यादा मुफीद रहेगी।
ताकि धामी अपनी सीट से अतिरिक्त पूरे सूबे की सभी सीटों पर प्रचार के लिए ज्यादा वक्त निकाल करे।
सर्वे की एक बात सरकार के पक्ष में जा रही है। इसमें पाया गया है कि 2022 में जिन सीटों पर भाजपा को हार मिली थी, इस बार उन सीटों पर भाजपा का पलड़ा अपेक्षाकृत ज्यादा भारी हुआ है।
इसे भी सीएम धामी की कार्यशैली का ही इफेक्ट बताया जा है। इस सर्वे ने यह भी ताकीद किया है कि विपक्ष को कमजोर आंककर किसी भी तरह की लापरवाही में न आया जाए।