उत्तराखंड

बीएलओ( आंगनवाड़ी वर्कर) की मौत/आत्महत्या का जिम्मेदार कौन! मोर्चा

बीएलओ( आंगनवाड़ी वर्कर) की मौत/आत्महत्या का जिम्मेदार कौन! मोर्चा

मानदेय एक मजदूर की दिहाड़ी से भी कम !

पूरा परिवार जुटा पड़ा है एसआईआर का काम निपटाने में।

सड़े- गले अंडे, नैपकिन पैड और घटिया पोषाहार के वितरण की भी है जिम्मेदारी !

सरकार इन वर्कर्स / बीएलओं का दर्द क्यों नहीं समझ रही !

विकासनगर- जन संघर्ष अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि कल बागेश्वर के कांडा क्षेत्र के बांसतौली गांव की एक बीएलओ/ आंगनवाड़ी वर्कर ने सरकार द्वारा जबरन थोपे गए एसआईआर व अन्य काम के बोझ के चलते आत्महत्या कर ली गई, इससे समझा जा सकता है कि प्रदेश भर की बीएलओ कितने मानसिक दबाव में कार्य कर रही हैं !

आत्महत्या किन परिस्थितियों में की गई, इसको समझने एवं विचार करने की जरूरत है!कई बीएलओ न जाने कितने दबाव व किन परिस्थितियों में में काम कर रहे हैं, यह तो सिर्फ वही जान सकते हैं!एसआईआर जैसे जटिल काम की जिम्मेदारी बीएलओ अपने पूरे परिवार के सहयोग से निपटाने में लगा है यानी पूरा परिवार इस काम में झोंक रखा है।

सरकार द्वारा एक साथ दोहरी जिम्मेदारी देकर इनके साथ बहुत बड़ी नाइंसाफी कर रखी है। सावल यह उठता है कि आखिर इतने कम मानदेय में ये आंगनवाड़ी वर्कर्स अपने परिवार का भरण- पोषण कैसे करें ! क्यों इनके मामले में सरकार उसके मंत्री व अधिकारी संवेदनशील नहीं है !

नेगी ने कहा कि भ्रष्ट एवं गैर जिम्मेदार मंत्री की वजह से इनको सड़े- गले अंडे,घटिया क्वालिटी के सेनेटरी नैपकिन पैड, घटिया पोषाहार वितरण करने की जिम्मेदारी भी है, जो जबरन लाभार्थियों को विचलित करनी पड़ती है। मंत्री की कमीशन खोरी वाले सेनेटरी पैड बिक नहीं रहे हैं और उसका पैसा भी इन वर्कर्स को अपनी जेब से भरना पड़ता है।

सरकार को संवेदनशीलता के साथ इनके कार्य/ जिम्मेदारियां को देखते हुए इनकी सुख- सुविधाओं व मानदेय आदि मामलों का भी संज्ञान लेना चाहिए। पत्रकार वार्ता में- विजय राम शर्मा व हाजी असद मौजूद थे।

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