“सीबीआई केंद्र सरकार का तोता है” — अंकिता हत्याकांड में सीएम धामी की सीबीआई संस्तुति जनता से छल : अनुपम शर्मा

“सीबीआई केंद्र सरकार का तोता है” — अंकिता हत्याकांड में सीएम धामी की सीबीआई संस्तुति जनता से छल : अनुपम शर्मा
काशीपुर। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीबीएसई जांच की संतुति के बाद भी अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमाई हुई है।
उत्तराखंड कांग्रेस के महासचिव अनुपम शर्मा ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच समिति गठित करने की जोरदार मांग करते हुए राज्य और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है।
अनुपम शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड और केंद्र—दोनों जगह भाजपा की सरकार है और सीबीआई केंद्र सरकार के इशारों पर चलती है। ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति करना अंकिता के परिजनों और प्रदेश की भोली-भाली जनता के साथ खुला छलावा है।
उन्होंने दो टूक कहा— “इस सीबीआई जांच को कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनुपम शर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को तीन साल तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक इस जघन्य अपराध में शामिल वीआईपी का नाम सामने नहीं आना साफ दर्शाता है कि धामी सरकार असली गुनहगारों को बचाने में जुटी है।
उन्होंने कहा कि यदि इस हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र न्यायिक समिति से नहीं कराई गई, तो सच कभी सामने नहीं आएगा और दोषियों के चेहरे हमेशा पर्दे के पीछे छिपे रहेंगे।
अनुपम शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने न्यायिक जांच की मांग नहीं मानी, तो कांग्रेस एक बार फिर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदेश में अपराध रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है और अंकिता भंडारी हत्याकांड इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
अनुपम शर्मा ने कहा कि अंकिता को न्याय कब मिलेगा, वीआईपी का नाम कब खुलेगा— या फिर यह मामला भी सत्ता के गलियारों में दबा दिया जाएगा? उत्तराखंड की जनता अब जवाब चाहती है।