उत्तराखंड

RJK फाउंडेशन मिस्सरपुर ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला विभूतियां को किया सम्मानित

आर जे के फाउंडेशन मिस्सरपुर ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला विभूतियां को किया सम्मानित,

मिस्सरपुर गांव की पुत्रवधू आरती सैनी को सम्मानित कर गौरवान्वित हुए गांव वाले,

सम्मान का यह पल मेरे लिए है भावुक क्षण-आरती सैनी

हरिद्वार।

किसी के लिए गौरव के क्षण वह होते हैं जब वह किसी दूसरे प्रदेश या गांव से आकर अपने ससुराल के गांव वाले उसकी मेहनत लगन और उसके समर्पण निष्ठा को देखते हुए उसे सम्मानित करते हैं यह एक महिला के लिए बहुत ही सुखद क्षण होता है, जो उसे ही नहीं उसके ससुराल वालों और उसके मायके वालों दोनों को गौरवान्वित करता है, ऐसा ही क्षण अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आर जे के फाउंडेशन द्वारा आयोजित महिला सम्मान समारोह में देखने को मिला और इस भावनात्मक क्षण पल ने हरिद्वार के लक्सर रोड स्थित गांव मिस्सरपुर के सभी लोगों को भावुक बना दिया। जब मंच से मिस्सरपुर गांव के रहने वाले अमित सैनी की पत्नी आरती सैनी का नाम सम्मान करने के लिए पुकारा गया तो पूरा सभागार तालियों की गूंज से गुंजायमान हो उठा।

आरती सैनी को यह सम्मान उनकी खेल निष्ठा और आत्म सुरक्षा के प्रति बच्चों को दिए जा रहे प्रशिक्षण के लिए दिया गया हैं। आरती सैनी कहती है कि उन्हें यह सम्मान पाकर बहुत ही गौरव और खुशी के क्षण अनुभव हो रहे हैं वह बहुत भावुक है क्योंकि उनके ससुराल के गांव मिस्सरपुर में उनका सम्मान किया गया है और किसी के लिए इससे बड़ा सम्मान और क्या हो सकता है जब उसके गांव के लोग इस सम्मान के साक्षी बने।

आर जे के फाउंडेशन के अध्यक्ष नरेश कुमार चौहान का कहना है कि हमें अपने गांव की पुत्रवधू आरती सैनी को सम्मान करके आज बहुत अच्छा महसूस हो रहा है और यह हमारे लिए गौरव की बात है कि हमारे घर गांव की पुत्रवधू आरती सैनी ने आत्म सुरक्षा और मार्शल आर्ट गेम वुशु के क्षेत्र में हमारे गांव का ही नहीं हरिद्वार और पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है।

पिछले 10-12 सालों से आरती सैनी छात्र-छात्राओं को मार्शल आर्ट गेम वुशु और आत्म सुरक्षा का प्रशिक्षण प्रदान करती है, सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में आर्थिक रूप से पिछड़े हुए बच्चों को आरती सैनी निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करती है और उनके द्वारा प्रशिक्षित की गई कई प्रतिभाएं वुशु के क्षेत्र में कई पदक ले चुकी है और राष्ट्रीय और प्रदेश और जिला स्तर पर हरिद्वार का नाम रोशन कर चुकी है।

करीब दो दशक पहले जब आरती सैनी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के अलीपुर अटेरना गांव से शादी होकर हरिद्वार जिले के मिस्सरपुर गांव में अमित सैनी की वधु बन कर आई थी तब किसी को नहीं मालूम था कि उनके गांव की पुत्रवधू देश दुनिया में खेल और आत्म सुरक्षा के क्षेत्र में उनका नाम रोशन करेगी।

आरती सैनी ने पुलिस विभाग खासकर 40 वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार तथा टिहरी जिले के नरेंद्र नगर स्थित पुलिस प्रशिक्षण संस्थान में पुलिस विभाग तथा अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को आत्म सुरक्षा का सफल प्रशिक्षण समय-समय पर प्रदान किया है। इतना ही नहीं उन्होंने मार्शल खेल वुशु की राष्ट्रीय और प्रांतीय प्रतियोगिताएं हरिद्वार में आयोजित कराकर अपने ससुराल गांव मिसरपुर और अपने मायके गांव अलीपुर अटेरना का नाम रोशन किया है।

आरती सैनी कहती है कि बचपन से ही उनको खेलों के प्रति विशेष लगाव था और उनके माता-पिता ने उन्हें खेलों के साथ-साथ पढ़ाई की ओर भी विशेष ध्यान देने की बात कही थी और उन्होंने दोनों चीज साथ-साथ मेहनत करके अर्जित की और जब वह शादी होकर अपने ससुराल हरिद्वार जनपद के गांव मिस्सरपुर में आई तो उनके ससुराल वालों खास कर उनके पति अमित सैनी ने उन्हें बहुत सहयोग किया और उनके कार्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि मेरे लिए सबसे बेहतरीन क्षण वह रहे थे जब मुझे हरिद्वार में मार्शल आर्ट खेल वुशु का की राष्ट्रीय प्रतियोगिता कराने का अवसर प्रदान हुआ और पहला राष्ट्रीय आयोजन हरिद्वार के प्रेम नगर आश्रम में किया और उसके बाद दूसरा विराट राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन पतंजलि योगपीठ में योग गुरु स्वामी रामदेव और आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण के पावन सानिध्य में करने सौभाग्य प्राप्त हुआ। आरती सैनी आज खेल की दुनिया में एक जाना पहचाना नाम बन चुका है और वह आत्म सुरक्षा और वुशु मार्शल आर्ट खेल के क्षेत्र में उत्तराखंड की सबसे बड़ी विभूति के रूप में सामने आई है।

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान किया गया। जिनमें प्रसिद्ध चिंतन, विचारक, लेखिका डॉक्टर राधिका नागरथ, पूनम, सविता, मनीषा, नूतन जोशी, रीता प्रजापति, मीनाक्षी चौहान,सीमा गाबा, कंचन,ममता मलिक, प्रियंका जोहरी,सरोज, माया, रेखा सैनी, प्रतिभा सैनी, पूजा आदि सम्मिलित है। सभी सम्मानित महिलाओं को अंग वस्त्र,प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर आर जे के फाउंडेशन के अध्यक्ष नरेश कुमार चौहान ने कहा कि महिलाओं का समाज की प्रगति में विशेष महत्व है।

महिला ही समाज की सबसे पहले गुरु होती है और महिलाओं का जहां सम्मान होता है वह समाज सबसे ज्यादा विकसित होता है।

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