उत्तराखंड

खत्म हो चुके अकाली गठबंधन के नाम पर एक ही परिवार को चाहेगी क्षेत्र की जनता

काशीपुर भाजपा में टिकट को लेकर नई हलचल

खत्म हो चुके अकाली गठबंधन के नाम पर एक ही परिवार को चाहेगी क्षेत्र की जनता

इस गठबंधन के नाम पर राजीव अग्रवाल जैसे पुराने संघी समेत कई अन्य का सियासी करियर हो चुका है खत्म

त्रिलोक चीमा के सामने राम मेहरोत्रा और दीपक बाली की दावेदारी की चर्चा, किसके नाम पर लगेगी भाजपा की मुहर?

काशीपुर। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही काशीपुर भाजपा की सियासत में टिकट को लेकर चर्चाओं का दौर तेज होता दिखाई दे रहा है। मौजूदा विधायक त्रिलोक सिंह चीमा के साथ अब मेयर दीपक बाली और पीसीयू चेयरमैन राम मेहरोत्रा के नाम भी संभावित दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं। भाजपा संगठन में राम मेहरोत्रा का नाम प्रदेश कार्यसमिति की सूची में भी शामिल है।

बीते रोज युवाओं के साथ संवाद के दौरान जब एक युवा ने मेयर दीपक बाली से सीधे सवाल कर दिया—“आप विधायक कब बनोगे?” तो दीपक बाली मुस्कुराए और जवाब दिया—“जब आप चाहोगे।” इसके बाद जब इसी मुद्दे पर उनसे सवाल किया तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि पार्टी का आदेश होगा तो वह चुनाव लड़ सकते हैं।

सियासी तौर पर दीपक बाली का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह अब केवल नगर निगम की राजनीति तक सीमित नहीं दिख रहे, बल्कि संगठन और जनता के बीच अपनी सक्रियता लगातार बनाए हुए हैं। हालांकि भाजपा की ओर से काशीपुर विधानसभा के लिए अभी कोई आधिकारिक प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है।

पांच चुनावों से भाजपा के कब्जे में है काशीपुर सीट

उत्तराखंड गठन के बाद काशीपुर विधानसभा सीट पर भाजपा का मजबूत प्रभाव रहा है। वर्ष 2002 से अब तक हुए पांच विधानसभा चुनावों में चार बार हरभजन सिंह चीमा और 2022 में उनके पुत्र त्रिलोक सिंह चीमा भाजपा के टिकट पर विधायक बने। वर्तमान में भी त्रिलोक सिंह चीमा काशीपुर से भाजपा विधायक हैं।

2022 के चुनाव में त्रिलोक सिंह चीमा ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी। उसी चुनाव में दीपक बाली आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में थे।

त्रिलोक के सामने चुनौती टिकट की नहीं, दावेदारों की बढ़ती संख्या की?

मौजूदा विधायक त्रिलोक सिंह चीमा की दावेदारी स्वाभाविक रूप से चर्चा में सबसे पहले आती है। पार्टी ने 2022 में भी उन्हें मैदान में उतारा था और वह वर्तमान विधायक हैं। लेकिन आगामी चुनाव को लेकर भाजपा के भीतर दूसरे नेताओं की सक्रियता ने टिकट के समीकरणों को चर्चा में जरूर ला दिया है।

दूसरी ओर राम मेहरोत्रा लंबे समय से भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं। अतीत में भी काशीपुर विधानसभा के टिकट को लेकर उनका नाम चर्चा में रहा है। वर्ष 2022 में भी भाजपा टिकट को लेकर उनकी दावेदारी की खबरें सामने आई थीं।

अब इसी संभावित दौड़ में मेयर दीपक बाली का नाम जुड़ने से काशीपुर भाजपा की स्थानीय राजनीति में चर्चा का दायरा और बढ़ गया है।

तीन नाम, एक टिकट… भाजपा किस पर जताएगी भरोसा?

फिलहाल काशीपुर भाजपा की राजनीति में विधानसभा टिकट को लेकर त्रिलोक सिंह चीमा, राम मेहरोत्रा और दीपक बाली के नामों की चर्चा दिखाई दे रही है।

त्रिलोक सिंह चीमा के पास मौजूदा विधायक होने का आधार है, राम मेहरोत्रा लंबे समय से संगठन की राजनीति में सक्रिय हैं, जबकि दीपक बाली के मेयर बनने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका काशीपुर में और प्रमुख हुई है।

हालांकि अंतिम फैसला भाजपा का केंद्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व ही करेगा। टिकट किसे मिलेगा, यह अभी भविष्य के गर्भ में है। लेकिन इतना जरूर है कि दीपक बाली के “पार्टी आदेश होगा तो चुनाव लड़ेंगे” वाले बयान ने काशीपुर भाजपा की आगामी चुनावी राजनीति को नई चर्चा जरूर दे दी है।

अब सवाल सिर्फ इतना है कि क्या भाजपा अकाली दल से खत्म हो चुके गठबंधन से जुड़े मौजूदा विधायक पर ही भरोसा जताएगी, या काशीपुर में अपने निष्ठावान नए चेहरे की तलाश शुरू होगी?

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