उत्तराखंड

काशीपुर के अल्लीखां क्षेत्र में मानवाधिकार हनन की शिकायत पर मुख्य सचिव ने दिए कार्रवाई के आदेश

काशीपुर के अल्ली खां, थाना साबिक क्षेत्र में अवैध उत्पीड़न एवं मानवाधिकार हनन तथा मूल अधिकार हनन की शिकायत पर मुख्य सचिव के कार्यवाही के आदेश

उत्तराखंड शासन के गृह विभाग ने पुलिस महानिदेशक को कार्यवाही करने किया निर्देशित

सूचना अधिकार कार्यकर्ता व समाज सेवी नदीम उद्दीन (एडवोकेट) ने की थी जनहित में शिकायत

काशीपुर। बहुचर्चित आई लव मौहम्मद मार्च प्रकरण के बाद काशीपुर के अल्लीखां, थानासाबिक क्षेत्र में अवैध उत्पीड़न एवं मानवाधिकार हनन तथा मूल अधिकार हनन की शिकायत पर मुख्य सचिव ने कार्यवाही के आदेश दिये हैं।

मुख्य सचिव कार्यालय से उत्तराखंड शासन के गृह विभाग को अग्रेतर कार्यवाही हेतु शिकायत प्राप्त होने पर गृह विभाग ने पत्र संख्या 1577, 29 अक्टूबर 2025 से इस पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने तथा कृत कार्यवाही से संबंधित शिकायतकर्ताओं को अवगत कराने के निर्देश के साथ उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भेजा हैैैं।

काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता व समाजसेवी नदीम उद्दीन (एडवोकेट) ने अल्लीखां, थानासाबिक क्षेत्र के मानवाधिकार हनन, अवैध उत्पीड़न व मूल अधिकार हनन की ई-मेल से की गयी शिकायत पर कार्यवाही की सूचना मुख्य सचिव कार्यालय से चाही थी। इस सूचना प्रार्थना पत्र को गृह विभाग के लोक सूचना अधिकारी को हस्तांतरित होने पर प्रभारी लोक सूचना अधिकारी/समीक्षा अधिकारी प्रकाश रतूड़ी ने पत्रांक 241, 07 नवम्बर 2025 से शिकायत पर मुख्य सचिव तथा गृह विभाग द्वारा कार्यवाही करने तथा इस हेतु शिकायत को पुलिस महानिदेशक को भेजने की सूचना उपलब्ध करायी है।

नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार मुख्य सचिव कार्यालय से गृह विभाग को प्राप्त शिकायत पर उत्तराखंड शासन के पत्रांक 1577  29 अक्टूबर 2025 से नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुये कृत कार्यवाही से संबंधितों को अवगत कराने के निर्देश के साथ पुलिस महानिदेशक को भेजा गया है।

नदीम ने इस शिकायत में अवगत कराया था कि बासंफोड़ान पुलिस चैकी के पास हुई तथाकथित शर्मनाक घटना के वीडियो वायरल होने के बाद रात 11 बजे से अल्लीखां व थाना साबिक क्षेत्र को बंद करा दिया गया तथा यहां की लगभग 20 हजार जनता को घरों में बंदी जैसा बना दिया गया तथा यह सिलसिला शिकायत की तिथि तक जारी था। रात 11 बजे से ही एक राजनैतिक दल के पोस्टर व फ्लैक्सी में लगे फोटो के आधार पर लोगों को घरों से उठाकर ले जाना शुरू कर दिया गया।

फिर सी.सी.टी.वी. फुटेज के आधार पर आई लव मौहम्मद मार्च में शामिल बच्चों तथा मार्च के बाद अपने घर जा रहे बच्चों, उन्हें देखने आये अन्य व्यक्तियों तथा राहीगीरों यहां तक दुकानदारों तथा उनके दुकान पर मौजूद ग्राहकों को मार्च में शामिल बताकर थाने व पुलिस चैकियों पर ले जाया गया तथा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार उनकी अवैध रूप से जमकर पिटाई की गयी। इतना ही नहीं जो बच्चा या बड़ा घर पर नहीं मिला उसके निकट सम्बन्धी को उठाकर ले जाया गया। पांच दिन होने पर भी इनमें से अधिकतर को अवैध रूप से बंदी बनाकर भूखा प्यासा रखा गया हैं तथा उनके परिवार के लोगों तथा उनकी पसंद के अधिवक्ताओं को भी मिलने नहीं दिया गया।

इस मामले को तूल देते हुये दरोगा की पिटाई की घटना के लिये लोगों पर इल्जाम लगाते हुये पूरे अल्ली खां, व थानासाबिक क्षेत्र को टारगेट करते हुय थाना साबिक चंुगी से लेकर अल्ली खां, चैराहे तक के काशीपुर के यातायात के प्रमुख मार्ग अल्लीखां, मार्ग को बैरिकैट लगाकर बंद करके पुलिस के जवानों को बैठा दिया गया तथा दुकानों को बंद करा दिया गया।

रात को 7 बजे से सुबह 7 बजे तक अघोषित कफ्र्यू लगा दिया गया दुकानों तथा लोगों को घरों से बाहर आने पर पाबंदी लगा दी गयी थी। इसके साथ इस क्षेत्र के घरों की जांच दस बारह लोगों की टीम घर-घर जाकर करायी गयी तथा बिजली के स्मार्ट मीटर लगाये गये तथा राशन कार्डों आदि की भी जांच करायी गयी है।

साथ ही नगर निगम अधिकारियों के द्वारा बिना किसी नोटिस के नालियों, नाले तथा उन पर चढ़ने के लिये बनी पैरियों को बुल्डोजर से तोड़ दिया गया जिससे क्षेत्र में गंदगी हो गयी तथा बच्चे व महिलायें घरों से निकल नहीं पा रहे थे।

सूचना अधिकार कार्यकर्ता व समाजसेवी नदीम उद्दीन ने दरोगा से पिटाई की निंदा करते हुये वास्तविक दोषियों का पता लगाकर कानून के अनुसार कार्यवाही करने, अल्लीखां थानासाबिक क्षेत्र के 20 हजार लोगांें को घरों में बंदी जैसा बनाकर किये गये अवैध उत्पीड़न व मानवाधिकार तथा मूल अधिकार हनन रोकने तथा न्याय दिलाने की मांग मुख्य सचिव उत्तराखंड, सहित विभिन्न प्राधिकारियों को ई-मेल भेज कर की थी।

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