उत्तराखंड भाजपा में विधायकों के खिलाफ नाराजगी थामने की कवायद

उत्तराखंड भाजपा में विधायकों के खिलाफ नाराजगी थामने की कवायद
सह प्रभारियों बांसुरी को गढ़वाल तो मेनन को कुमाऊं में ज़मीनी माहौल समझने की जिम्मेदारी
इन्हीं दोनों के फीडबैक पर टिका है मौजूदा विधायको और नए दावेदारों का सियासी भविष्य
बताया जा रहा है कि प्रदेश भाजपा प्रभारी राम माधव को फीडबैक मिला है कि भले ही धामी सरकार के कामकाज से जनता खुश है, लेकिन विधायकों के प्रति उनके विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं में रोष है। इस नाराजगी की तह तक जाने और इसे थामने के लिए भाजपा ने कवायद शुरू कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, सह प्रभारी बांसुरी स्वराज को गढ़वाल मंडल और अरविंद मेमन को कुमाऊं मंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों सह प्रभारी अपने-अपने स्तर पर फीडबैक जुटाने और संगठन के भीतर की कलह को खत्म करने की जिम्मेदारी दी गई है।
भाजपा के सामने चुनौती यह है कि सरकार के प्रति सकारात्मक माहौल का लाभ चुनाव में तभी मिल सकता है, जब पार्टी के विधायक भी अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं और जनता के बीच मजबूत स्थिति में हों। यदि विधायकों के खिलाफ नाराजगी बरकरार रहती है, तो इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण और पार्टी के चुनावी प्रदर्शन पर भी पड़ सकता है।
अब देखना यह होगा कि सह प्रभारियों की रिपोर्ट में किन विधायकों के खिलाफ असंतोष सामने आता है और भाजपा नेतृत्व इस फीडबैक के आधार पर क्या रणनीति अपनाता है। आगामी चुनाव से पहले पार्टी के लिए सरकार की छवि के साथ-साथ विधायकों की स्वीकार्यता भी अहम कसौटी साबित हो सकती है।