इस बार चौतरफा घेराबंदी में अभी से जुट गई है भाजपा

क्या प्रीतम बचा पाएंगे चकराता का अपना सियासी किला?
इस बार चौतरफा घेराबंदी में अभी से जुट गई है भाजपा
भाइयों का वायरल ऑडियो बन रहा है नई मुसीबत
युवा बॉबी पंवार बना रहे हैं चुनाव का खासा रोमांचक
देहरादून। राज्य गठन के बाद से अब तक चकराता सीट पर अजेय रहे प्रीतम सिंह को इस बार सियासी पटखनी देने को भाजपा अभी से तैयारियां कर रही है। युवा बॉबी पंवार की इसी सीट ने दावेदारी ने 2027 के चुनाव को और भी रोमांचक बना दिया है।
चकराता सीट पर कांग्रेस के प्रीतम अभी तक अजेय रहे हैं। यहां ये भी कहा जा सकता है कि ये सीट कांग्रेस के नाम पर नहीं प्रीतम के नाम पर जीती जाती है। प्रीतम खुद को जीतते हैं पर आसपास की अन्य सीटों पर कांग्रेस को उनकी वजह से आजतक कोई फायदा नहीं हुआ है।
भाजपा इस बार इस सीट पर भगवा फहराने को उत्साहित है। इसकी रणनीति पर भाजपा काम कर रही है। भाजपा का थिंक टैंक प्रीतम के चुनाव लड़ने के तरीकों का मंथन कर रहा है। उनकी सियासी तिकडमों का तोड़ तलाशा जा रहा है।
अभी हाल में ही प्रीतम के भाइयों के महिलाओं को धमकी भरे ऑडियो को भाजपा ने मुद्दा बना दिया है। भाजपा ने इसे महिलाओं के अपमान से जोड़ा तो सीएम पुष्कर धामी ने ऑडियो की जांच का आदेश तो दिया ही पीड़ित महिलाओं से खुद फोन पर वार्ता करके संवेदना व्यक्त की।
इधर, इस बार प्रीतम के लिए युवा बॉबी पंवार भी परेशानी खड़ी करने की तैयारी में है। उनके पास युवाओं का खासा समर्थन है। 2024 के लोस चुनाव ने बॉबी ने ताल ठोंकी और पौने दो लाख वोट हासिल कर सियासी दलों को चौका दिया।
बहरहाल, 2027 का चकराता सीट का चुनाव बहुत दिलचस्प होने वाला है। सबकी निगाहें इस बात हैं कि क्या प्रीतम इस बार अपना सियासी किला बचा पाएंगे या नहीं।