उत्तराखंड

केदारनाथ धाम में अस्थायी कर्मचारियों का आंदोलन, मांगें पूरी न होने पर अनशन का ऐलान

केदारनाथ धाम में अस्थायी कर्मचारियों का आंदोलन, मांगें पूरी न होने पर अनशन का ऐलान

केदारनाथ। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के करीब 300 अस्थायी कर्मचारियों ने वर्षों पुरानी मांगों का निराकरण न होने पर आंदोलन का ऐलान किया है। कर्मचारियों का आरोप है कि दशकों से सेवा देने के बावजूद उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है और ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले करीब एक दर्जन कर्मचारियों के आश्रितों को भी आर्थिक सहायता नहीं मिली। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने 12 अक्टूबर से एक सप्ताह तक क्रमिक अनशन शुरू करने और मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।

विषय :- अपनी वर्षों पुरानी लंबित मांगों के निराकरण न होने से छुब्द हो क्रमिक अनशन प्रारंभ थी सूचना ।

जैसा की विदित ही है कि श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अधीन करीब 300 (तीन सौ) अस्थायी कार्मिक दशकों से श्री धामों में तैनात हैं और उनके भरोसे ही पूरी यात्रा का संचालन विभाग द्वारा किया जाता रहा है। दशकों से सेवा दे रहे इन कार्मिकों की सुध विभाग द्वारा बहुत याचना के बाद भी नहीं ली जा रही है और अमानवीय हदों को पार कर विभाग में कार्य करते हुवे परम धाम को गमन कर गए करीब एक दर्जन कार्मिकों के परिवारों/आश्रितों को मृत्यु पश्चात भी एक धेले की सहायता नहीं दी गयी।

पूर्व में हमारे द्वारा इस कार्यालय को अपनी मांगों के समयबद्ध निराकरण न होने की स्थिति में आन्दोलन को बाध्य होना सूचित किया गया था और विभाग ने अपना पुराना रूख बरकरार रखते हुवे कुछ भी नहीं किया। अतः अब हम सभी स्थिर वेतन कार्मिक भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त अपने मूल अधिकारों की रक्षा एवं प्रयोग करते हुवे एक सप्ताह का शांतिपूर्वक क्रमिक अनशन पूर्वाहन ।। बजे से और अपराह्न बजे तक मंदिर प्रांगण में कल से एक सप्ताह तक करेंगे, तब तक भी निराकरण न होने की स्थिति में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button