बदरीनाथ धाम में ‘कल्चरल फेस्टिवल’ पर उठे सवाल, जिलाधिकारी ने मांगा स्पष्टीकरण

बदरीनाथ धाम में ‘कल्चरल फेस्टिवल’ पर उठे सवाल, जिलाधिकारी ने मांगा स्पष्टीकरण
तो क्या बगैर अनुमति किया गया था आयोजन
मुरली मनोहर जोशी भी जता चुके है आपत्ति
आरजे काव्य जैसे नए नए पैरोकार भी इस आयोजन की कर रहे हैं तरफदारी
देहरादून। बदरीनाथ धाम में आयोजित किए गए एक कल्चरल फेस्टिवल को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठे हैं। इस संबंध में गढ़वाल स्काउट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल शान्तनु ने चमोली के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर आयोजन की अनुमति और उसमें इस्तेमाल किए गए उच्च ध्वनि वाले साउंड सिस्टम के संबंध में जानकारी मांगी है।
जिलाधिकारी कार्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि विभिन्न संचार माध्यमों और सोशल मीडिया के जरिए जानकारी मिली कि बदरीनाथ धाम में उक्त कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें काफी संख्या में भीड़ एकत्र हुई और कार्यक्रम में उच्च ध्वनि वाले साउंड सिस्टम का इस्तेमाल किया गया।
पत्र में बदरीनाथ धाम की धार्मिक और आध्यात्मिक गरिमा का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि पवित्र धाम में इस प्रकार के सामूहिक आयोजन और उच्च ध्वनि वाले साउंड सिस्टम का प्रयोग पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। पत्र में यह भी कहा गया है कि इससे धार्मिक विद्वानों में असहमति की भावना पैदा होने तथा स्थानीय प्रशासन की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है।
जिलाधिकारी ने मांगी तीन अहम जानकारियां
पत्र में संबंधित अधिकारी से स्पष्ट करने को कहा गया है कि—
बदरीनाथ धाम में कल्चरल प्रोग्राम आयोजित करने के लिए सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त की गई थी या नहीं।
कार्यक्रम में उच्च ध्वनि वाले साउंड सिस्टम का इस्तेमाल किन कारणों से किया गया।
भविष्य में बदरीनाथ धाम में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए क्या व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।